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लखनऊ में फिक्की फ्लो की ओर से प्रभा खेतान फाउंडेशन के सहयोग और बी.पी. हलवासिया फाउंडेशन के एसोसिएट पार्टनर के रूप में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लखनऊ कैंट स्थित सूर्या ऑडिटोरियम में पद्म विभूषण से सम्मानित शास्त्रीय नृत्यांगना एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सोनल मानसिंह ने ‘पंच कन्या’ विषय पर लेक्चर-डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम फिक्की फ्लो लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी के नेतृत्व में हुआ। उन्होंने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं के लिए सीखने, नेतृत्व, उद्यमिता और संवाद के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने डॉ. सोनल मानसिंह का सम्मान करते हुए भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। डॉ. सोनल मानसिंह ने अहल्या, द्रौपदी, तारा, कुंती और मंदोदरी के जीवन प्रसंगों के माध्यम से पंच कन्या की अवधारणा को समझाया। उन्होंने कहा कि इन पात्रों को केवल पौराणिक कथाओं तक सीमित करके नहीं देखना चाहिए, बल्कि उनके जीवन में निहित साहस, संघर्ष, धैर्य और आत्मसम्मान को भी समझना चाहिए। उन्होंने पंच कन्याओं को पंचमहाभूतों से जोड़ते हुए अहल्या को आकाश, कुंती को पृथ्वी, द्रौपदी को अग्नि, मंदोदरी को जल और तारा को वायु का प्रतीक बताया। शास्त्रीय नृत्य, अभिनय, भाव-भंगिमाओं और वाचन के माध्यम से उन्होंने इन पात्रों के प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, चेतना और परिवर्तन की क्षमता के रूप में भी देखा गया है। महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति पहचानकर उसे सकारात्मक दिशा में उपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम के इंटरैक्टिव सत्र में फिक्की फ्लो की सदस्यों ने डॉ. सोनल मानसिंह से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। प्रश्नोत्तर सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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लखनऊ में पंच कन्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम:सोनल मानसिंह ने 5 पात्रों के प्रसंग सुनाए; साहस, संघर्ष, आत्मसम्मान पर चर्चा हुई
