![]()
राज्य में अफसरों और कर्मचारियों की बहाली करने वाला जेपीएससी खुद नेतृत्व के गंभीर संकट में फंसा हुआ है। 21 जुलाई को अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद से आयोग की तमाम परीक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों पर ब्रेक लग गया है। अध्यक्ष के साथ-साथ सदस्यों के पद भी खाली पड़े हैं। कोरम पूरा नहीं होने से पिछले 64 दिनों से आयोग कार्य नहीं नहीं कर रहा है। न तो लंबित परीक्षाओं के रिजल्ट जारी हो पा रहे हैं, न इंटरव्यू आयोजित हो रहे हैं और न ही सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा सरकार को भेजी जा रही है। इस प्रशासनिक संकट की सीधी मार उन युवाओं पर पड़ रही है, जो सालों से बहाली के इंतजार में तैयारी कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने 10 सितंबर को साफ कहा था कि अध्यक्ष या सदस्यों के बिना जेपीएससी को कार्यशील लोक सेवा आयोग नहीं कहा जा सकता। सरकार को अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति दो महीने के भीतर करने का निर्देश भी दिया। पर अभी तक प्रक्रिया आगे बढ़ नहीं पाई है। इसका सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ा है जिनकी परीक्षा होनी थी, जिनकी परीक्षा हो चुकी थी लेकिन अगला चरण बाकी था और जिनकी भर्ती प्रक्रिया रद्द के बाद फिर से शुरू होनी है। 64 दिन का जेपीएससी संकट : पहले परीक्षाएं स्थगित और बाद में रद्द 21 जुलाई : तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते ने इस्तीफा दिया।
23 जुलाई : जुलाई से सितंबर के बीच प्रस्तावित 9 प्रमुख भर्ती परीक्षाएं स्थगित।
18 अगस्त : टीडीपीएल द्वारा ली जा रही परीक्षाओं को सरकार ने रद्द किया।
03 सितंबर : सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि अध्यक्ष के साथ सदस्य भी इस्तीफा दे चुके हैं।
10 सितंबर : हाईकोर्ट की टिप्पणी- बिना अध्यक्ष-सदस्यों के आयोग कार्यशील नहीं; 2 माह में नियुक्ति का सरकार को आदेश।
वर्तमान स्थिति (64 दिन बाद): आयोग का काम ठप, रद्द परीक्षाओं की दोबारा बहाली प्रक्रिया रुकी हुई। सालों से बहाली का इंतजार कर रहे थे युवा, 9 नियुक्ति परीक्षाओं का कैलेंडर ध्वस्त
अगर शेड्यूल के अनुसार परीक्षाएं होती तो… 503 पदों की 9 परीक्षाएं कैलेंडर के अनुसार जुलाई से सितंबर के बीच हो चुकी होतीं। परीक्षा के बाद उत्तरकुंजी, ऑब्जेक्शन, परिणाम और प्रमाण-पत्र सत्यापन जैसे चरण शुरू रहते। जिन भर्तियों में साक्षात्कार जरूरी है, वहां अगला चरण शुरू हो सकता था। कुछ भर्तियां अंतिम अनुशंसा और नियुक्ति की दिशा में आगे बढ़ सकती थीं। नई अधियाचनाओं और आगामी परीक्षाओं के लिए आयोग का नया कैलेंडर भी आ जाता। आगे क्या… फिर से कैलेंडर जारी करना होगा जेपीएससी में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति होगी। इसके बाद ही आयोग का नियमित कामकाज पूरी तरह शुरू होगा। रद्द परीक्षाओं परीक्षाओं के लिए फिर से परीक्षा कैलेंडर जारी की जाएगी। लंबित भर्ती प्रक्रियाओं की स्थिति की समीक्षा करनी होगी। साथ ही जिन परीक्षाओं और नियुक्तियों पर जांच या कानूनी विवाद का असर है, उनका अलग-अलग निपटारा करना होगा। एक माह से कैबिनेट सचिवालय में प्रस्ताव, कैबिनेट में फैसला संभव जेपीएससी अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट को भेज दिया है। प्रस्ताव में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति पर बल तो दिया गया है, लेकिन किसी नामों की अनुशंसा नहीं की गई है। अपेक्षा की गई है कि कैबिनेट ही इस पर निर्णय ले। मिली जानकारी के अनुसार 25 सितंबर को होनेवाली कैबिनेट की बैठक में जेपीएससी अध्यक्ष और आयोग के तीन सदस्यों की नियुक्ति पर फैसला हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की मंजूरी के लिए फाइल राज्यपाल को भेजा जाएगा।
Source link
21 जुलाई से जेपीएससी के अध्यक्ष का पद खाली:64 दिनों से अध्यक्ष व सदस्य नहीं, नतीजा-2 माह से न परीक्षा, न रिजल्ट
