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अररिया में छात्रों और युवाओं का आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार को विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर समाहरणालय परिसर स्थित धरना स्थल पर एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की। यह आंदोलन पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। युवा संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ता हुए शामिल आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा। इस भूख हड़ताल में यूथ यूनियन अररिया, बिहार यूथ ऑर्गेनाइजेशन और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन सहित कई छात्र एवं युवा संगठनों के दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांगों के प्रति भी एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देशभर में शिक्षा, युवाओं के अधिकार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठाना आवश्यक है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि हाल की प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं ने लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में डाल दिया है। उनका कहना है कि शिक्षा के लिए बजटीय आवंटन की अनदेखी और शिक्षा मंत्रालय की निष्क्रियता के कारण युवाओं में गहरा असंतोष है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। शाम 6 बजे निकाला जाएगा कैंडल मार्च छात्रों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दिनभर धरना स्थल पर भूख हड़ताल जारी रही। आंदोलन के अगले चरण में शाम 4 बजे विरोध-प्रदर्शन और शाम 6 बजे कैंडल मार्च आयोजित किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और युवाओं के अधिकारों की मांग उठाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने अधिक से अधिक छात्रों और युवाओं से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
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अररिया में छात्र और युवा भूख हड़ताल पर बैठे:बोले-शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, पेपर लीक का विरोध; सोनम वांगचुक को समर्थन
