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डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र के रतनपुरा गांव में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस से 6 वर्षीय बच्ची की 15 जुलाई को हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर हैं। सोमवार को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों की जांच की गई, घर-घर स्वास्थ्य सर्वे शुरू हुआ और मवेशी घरों में फॉगिंग कर संक्रमण फैलाने वाली रेतीली मक्खियों पर नियंत्रण की कार्रवाई की गई। 30 बच्चों की जांच, कोई नया मरीज नहीं स्वास्थ्य विभाग ने रतनपुरा के सरकारी स्कूल में स्वास्थ्य शिविर लगाया। डॉ. रजत भंडारी ने 17 लड़कियों और 13 लड़कों सहित कुल 30 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान कोई भी बच्चा बीमार नहीं पाया गया। इसके अलावा विभाग की टीमें गांव में घर-घर जाकर बड़े-बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक दवाइयां भी वितरित कर रही हैं। रेतीली मक्खी से फैलता है चांदीपुरा वायरस स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, चांदीपुरा वायरस रेतीली मक्खी (सैंडफ्लाई) के जरिए फैलता है। यह मक्खी आमतौर पर मवेशी घरों में पाई जाती है। पहले यह मवेशियों का खून चूसती है और बाद में इंसानों को काटने पर संक्रमण फैला सकती है। बच्चों में इस वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका रहती है, इसलिए एहतियाती कदम बढ़ाए गए हैं। 55 घरों के मवेशियों की जांच, मवेशी घरों में फॉगिंग संक्रमण की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग की टीम भी गांव पहुंची। विभाग ने 55 घरों में 82 भैंसों, 34 गायों और बैलों तथा 62 बकरियों के स्वास्थ्य की जांच की। साथ ही मवेशी घरों में फॉगिंग कर रेतीली मक्खियों और अन्य कीटों के प्रजनन पर रोक लगाने का प्रयास किया गया, ताकि संक्रमण फैलने की संभावना कम हो सके।
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बच्ची की मौत के बाद रतनपुरा में हाई अलर्ट:मवेशी घरों में स्प्रे, स्कूल में बच्चों की हुई जांच
