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पूनिया बोले- गहलोतराज में 17 पेपर लीक हुए,रोज 17 बलात्कार:तब राहुल गांधी ने धरना क्यों नहीं दिया, प्रियंका गांधी एक दिन भी राजस्थान नहीं आईं




राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने कहा- जब राजस्थान में 17 पेपर लीक हुए और यहां बच्चों ने आत्महत्या की, उस समय राहुल गांधी अशोक गहलोत के खिलाफ धरने पर क्यों नहीं बैठे? उन्हें कुर्सी से क्यों नहीं हटाया? लड़की हूं, लड़ सकती हूं के स्लोगन से प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश से आगाज किया था। प्रदेश में गहलोत राज के समय रोज 17 बलात्कार होते थे, लेकिन प्रियंका गांधी एक दिन भी राजस्थान नहीं आईं। इन दोनों भाई-बहनों के चरित्र को पूरे देश की जनता देख रही है। पूनिया ने कहा- राहुल और प्रियंका को राजनीति विरासत में मिली है, लेकिन प्रह्लाद जोशी ने अपनी मेहनत और तपस्या से यह मुकाम हासिल किया है। एक सांसद और मंत्री के नाते उन्होंने खुद को साबित किया है। उन पर इस तरह की टिप्पणी करके दोनों ने अपने चरित्र को सदन में परिभाषित किया है। सतीश पूनिया ने ये बातें आज दिल्ली में संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहीं। विपक्ष के दिमाग में कचरा भरा है सतीश पूनिया ने कहा- मेरे ख्याल से कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को विपक्ष की अच्छी ट्रेनिंग की जरूरत है। विपक्ष को अपने दिमाग को साफ करने की जरूरत है, क्योंकि उनके दिमाग में पहले से कचरा भरा हुआ है। विपक्ष का काम होता है कि सरकार को चेताए, लोकतंत्र का फर्ज निभाए और अच्छे मुद्दों को सदन में रखे। पहले तो वे सदन से भागते रहे, लेकिन जब सदन में आए भी, तो मुद्दा आधारित कोई बात नहीं की। उल्टा बहस को डायवर्ट करने की कोशिश की। इस चरित्र को देश की जनता बखूबी समझती है। मुझे लगता है कि इससे कांग्रेस को कुछ भी हासिल नहीं होगा।

राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने कहा- जब राजस्थान में 17 पेपरलीक हुए और यहां बच्चों ने आत्महत्या की, उस समय राहुल गांधी अशोक गहलोत के खिलाफ धरने पर क्यों नहीं बैठे। उन्हें कुर्सी से क्यों नहीं हटाया। लड़की हूं लड़ सकती हूं कि स्लोगन से प्रियंका गांधी ने उत्तरप्रदेश से आगाज किया था। प्रदेश में गहलोतराज के समय रोज 17 बलात्कार होते थे, लेकिन प्रियंका गांधी एक दिन भी राजस्थान नहीं आई। इन दोनों भाई-बहिनों के चरित्र को पूरे देश की जनता देख रही हैं। पूनिया ने कहा कि राहुल और प्रियंका को राजनीति विरासत में मिली हैं। लेकिन प्रह्लाद जोशी ने अपनी मेहनत और तपस्या से यह मुकाम हासिल किया हैं। एक सांसद और मंत्री के नाते उन्होने खुद को साबित किया हैं। उन पर इस तरह की टिप्पणी करके दोनों ने अपने चरित्र को सदन में परिभाषित किया हैं। सतीश पूनिया ने यह बातें आज दिल्ली में संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कही। विपक्ष के दिमाग में कचरा भरा है सतीश पूनिया ने कहा- मेरे ख्याल से कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को विपक्ष की अच्छी ट्रेनिंग की जरूरत हैं। विपक्ष को अपने दिमाग को साफ करने की जरूरत है, क्योंकि उनके दिमाग में पहले से कचरा भरा हुआ हैं। विपक्ष का काम होता है कि सरकार को चेताए, लोकतंत्र का फर्ज निभाना और अच्छे मुद्दों को सदन में रखना। पहले तो सदन से भागते रहे, लेकिन जब सदन में आए भी, तो मुद्दा आधारित कोई बात नहीं की। उल्टा बहस को डायवर्ट करने की कोशिश की। इस चरित्र को देश की जनता बखूबी समझती है, मुझे लगता है कि इससे कांग्रेस को कुछ भी हासिल नहीं होगा।



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