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नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर के विकास का रोडमैप प्रधानमंत्री के सामने रखा और कई बड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपए की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इसके लिए जमीन और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। इस प्लांट के शुरू होने से किसानों को फायदा मिलेगा और उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। 461 गांवों को स्थायी बिजली से जोड़ने की मांग सीएम साय ने उन 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र से मदद मांगी, जहां पहले सुरक्षा कारणों से बिजली लाइन नहीं पहुंच पाई थी। अभी इन गांवों में ऑफ-ग्रिड व्यवस्था से बिजली दी जा रही है। इसके अलावा उन्होंने रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा और इस पर सकारात्मक पहल करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बस्तर में हो रहे बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि अब क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ के जरिए 5,542 गांवों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इससे करीब 39 लाख लोगों को फायदा मिल रहा है। बस्तर में 421 बंद स्कूल फिर शुरू उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े 421 स्कूल फिर से शुरू किए गए हैं। साथ ही ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, जिससे दूर-दराज के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम में मेडिकल कॉलेज भी संचालित हो रहे हैं। बस्तर विकास का रोडमैप रखा सीएम साय ने कहा कि बस्तर में अब सड़क, रेल, बिजली और हवाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। जगदलपुर-रावघाट रेललाइन का काम 3,513 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा है। इसके अलावा सिंचाई, पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा को वैश्विक पहचान दिलाने और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों को विकसित करने की योजना की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से ज्यादा युवाओं की भागीदारी हुई, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है। बैठक में सीएम साय ने छत्तीसगढ़ में बढ़ते निवेश का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के बाद राज्य को करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य नए उद्योग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियां भी बताईं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है और अब 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम साय ने प्रधानमंत्री मोदी को 2027 में रायपुर में होने वाले लखपति दीदी सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नई गति मिल रही है।
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बस्तर के विकास को लेकर पीएम से मिले सीएम साय:बस्तर में यूरिया प्लांट, आयुर्वेद संस्थान और बिजली विस्तार पर चर्चा, केंद्र से मांगी मदद
