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पलवल के डबचिक में उस समय बड़े अधिकारियों के बीच हडकंप मच गया जब हरियाणा सीएम नायब सैनी और उनकी पत्नी के समुन सैनी को परोसे जाने वाले घेवर के डिब्बे पर बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी की डेट नही लिखी हुई थी। आनन-फानन में अधिकारियों ने सीएम के मेन्यू से घेवक को गायब कर दिया। घेवर होडल के एक स्थानीय मिठाई विक्रेता से मंगवाया गया था। इस घटना के बाद डीसी पलवल डॉ जयेन्द्र कुमार छिल्लर ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को संबधित दुकान और दूसरी दुकानों से मिठाईयों को सैंपल लेने के निर्देश दिए। लेकिन इस घटना से एक बार फिर से मिठाइयों की गुणवत्ता और पैकेजिंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए है। वृंदावन जाते समय होडल में रूके सीएम नायब सैनी और पत्नी सुमन सैनी के साथ मंगलवार की शाम को वृंदावन जा रहे थे। उनके साथ बीजेपी की महिला प्रदेशाध्य डॉ अर्चना गुप्ता भी थी। नेशनल हाईवे स्थित डबचिक पर्यटन स्थल में वह कुछ देर के लिए रूके थे। यहां पर होडल के बीजेपी विधायक हरेन्द्र राम रतन और बीजेपी के पलवल से पूर्व विधायक और वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक मंगला सहित कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। सीएम की थाली से गायब हुआ घेवर बीजेपी नेताओं के द्वारा मेहमानों के लिए एक स्थानीय दुकानदार से घेवर मंगवाया गया था। जिसको सीएम और उनके साथ आए मेहमानो को परोसा जाना था। मिठाईयों को परोसे जाने से पहले स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्य के द्वारा सामान की जांच की जा रही थी। तभी उन्होंने देखा कि घेवर के डिब्बे पर उनसके मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी की डेट अंकित नही है। दुकानदार बोला 2 घंटे तक खा लेना चाहिए इसके बाद अधिकारियों के द्वारा संबधित दुकानदार को कॉल करके घेवर का समय पूछा गया । दुकानदार ने कहा कि इसके बनने के 2 घंटे बाद के समय में इसको खा लेना चाहिए। इतना सुनते ही अधिकारियों में खलबली मच गई। जिसके बाद घेवर को सीएम की थाली से हटा दिया गया। डीसी ने सैंपल भरने के आदेश दिए सूत्रो ने बताया कि सीएम के जाने के बाद डीसी पलवल डॉ जयेन्द्र कुमार छिल्लर ने फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों को संबधित दुकानदार के सैंपल भरने के आदेश जारी किए। उसके साथ ही उन्होंने पूरे जिला में सैंपल लेकर जांच करने को कहा। डीसी के आदेश के बाद विभाग ने शहर में कई दुकानों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे है। अधिकारियों से नही हो सका संपर्क इस मामले को लेकर जब डीसी पलवल से फोन कॉल के माध्य से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा कॉल नही उठाया गया। इसके बाद उनको उनके नंबर पर मैसेज भेजा गया जिसका उन्होंने कोई रिप्लाई नही दिया गया। ठीक इसी प्रकार फूड सेफ्टी विभाग के कर्मचारियों ने भी कॉल रिसीव नही किया। जब होडल एसडीएम बैलिना लोहान को काल किया गया तो उन्होंने भी काल रिसीव नही किया। घेवर के डिब्बों पर नहीं होती जरूरी जानकारी फूट सेफ्टी के एक कर्मचारी ने बताया कि पलवल में पिछले एक महीने के दौरान 17 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच के दौरान सबसे बड़ी समस्या मिठाइयों की लेबलिंग को लेकर सामने आ रही है। विशेषकर स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले घेवर के अधिकांश डिब्बों पर न तो निर्माण तिथि अंकित होती है और न ही उपयोग की अंतिम तिथि। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए यह जानना मुश्किल हो जाता है कि मिठाई कितनी ताजा है और उसका सेवन कब तक सुरक्षित है।
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पलवल में सीएम की थाली से घेवर गायब:डिब्बे पर नहीं मिली डेट, डबचिक में घेवर की पैकिंग पर सवाल उठे, डीसी ने सैंपल भरवाए
