पुष्पेंद्र कुमार तिवारी | बलिया7 मिनट पहले
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बलिया के जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा की। इस दौरान उद्योग विभाग और नमामि गंगे विभाग की शिकायतें डिफाल्टर श्रेणी में मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री संदर्भ से जुड़ी कोई भी शिकायत डिफाल्टर श्रेणी में नहीं आनी चाहिए। सभी अधिकारियों को प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल की जांच कर शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री संदर्भ पोर्टल पर चकबंदी विभाग, जिला चिकित्सालय, पंचायती राज विभाग, विद्युत विभाग, समाज कल्याण विभाग और अपर जिलाधिकारी कार्यालय से संबंधित लंबित शिकायतों को समय सीमा के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में जिलाधिकारी संदर्भ के तहत विभिन्न विभागों की 186 शिकायतें लंबित मिलीं। इन्हें 15 दिन के भीतर निस्तारित करने का आदेश दिया गया। वहीं, ऑनलाइन शिकायतों की 21 शिकायतें लंबित मिलने पर तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए।

गलत आख्या अपलोड करने पर एक्सईएन का वेतन रोका
ऑनलाइन शिकायतों की समीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, बलिया के अधिशासी अभियंता द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर गलत शिकायत आख्या अपलोड करने का मामला सामने आया।
इस पर जिलाधिकारी ने एक्सईएन को कड़ी फटकार लगाई और उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पीजी पोर्टल पर विभिन्न विभागों से संबंधित 137 शिकायतें लंबित पाई गईं। जिलाधिकारी ने इनके तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान शिकायतों के फीडबैक की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। आठ विभागों द्वारा फीडबैक लेने में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई गई।
75 फीसदी से कम फीडबैक पर अधिकारियों को चेतावनी
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिकायतों के फीडबैक का प्रतिशत 75 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तीन दिन के भीतर फीडबैक प्रतिशत में सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं के निस्तारण की स्थिति जानने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस शासन की प्राथमिकता वाली व्यवस्था है। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, गलत आख्या अपलोड करने या शिकायत को डिफाल्टर श्रेणी में पहुंचाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सीआरओ गुलशन जी समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

