हरियाणा में कॉमन कैडर के ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए क्लर्क बनने का रास्ता अब और आसान हो गया है। सरकार ने पात्र कर्मचारियों को SETC Part-I परीक्षा में शामिल कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए हैं। विभागों को कर्मचारियों के आवेदन फॉर्
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यह व्यवस्था हरियाणा के नए Haryana Clerical (Recruitment and Conditions of Service) Act, 2026 से भी जुड़ी है। यह कानून 3 जून 2026 को सरकारी गजट में प्रकाशित हुआ था। इसके तहत ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए क्लर्क पद पर प्रमोशन की पात्रता और प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।

5 साल की सेवा जरूरी, 10+2 भी अनिवार्य
नए कानून के मुताबिक ग्रुप-D कर्मचारी से क्लर्क पद पर प्रमोशन के लिए कम से कम 5 साल की सेवा पूरी होना जरूरी है। इसके साथ कर्मचारी का 10+2 या इसके समकक्ष परीक्षा पास होना और SETC Part-I क्वालिफाई करना भी पात्रता में शामिल है।
इसके अलावा प्रमोशन के लिए कर्मचारी की ACR में कम से कम 70% प्रविष्टियां Good या Very Good श्रेणी की होनी चाहिए। कर्मचारी के खिलाफ कोई विभागीय या न्यायिक कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए और सेवा रिकॉर्ड में ईमानदारी से संबंधित प्रतिकूल टिप्पणी भी नहीं होनी चाहिए।
क्लर्क के प्रमोशन कोटा में भी बढ़ोतरी
ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए इस साल बड़ा बदलाव करते हुए क्लर्क पदों पर प्रमोशन का कोटा 20% से बढ़ाकर 30% किया गया है। सरकार का तर्क है कि इससे ज्यादा ग्रुप-D कर्मचारियों को करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। सरकार ने यह भी कहा था कि पहले प्रमोशन के लिए कर्मचारियों को कई बार 10 से 15 साल तक इंतजार करना पड़ता था। नए प्रावधानों से प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

SETC में क्या होता है?
हरियाणा में SETC यानी State Eligibility Test in Computer Appreciation and Applications क्लर्क कैडर के लिए कंप्यूटर दक्षता से जुड़ी परीक्षा है। पुराने सरकारी निर्देशों में SETC के Part-I को कंप्यूटर नॉलेज टेस्ट और Part-II को टाइपिंग टेस्ट के तौर पर निर्धारित किया गया था। क्लर्क पद पर प्रमोशन और आगे की सेवा शर्तों में SETC का महत्व पहले से रहा है।
30% कोटा से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा
नए कानून के तहत ग्रुप-D से क्लर्क प्रमोशन का कोटा 20% से बढ़कर 30% होना कर्मचारियों के लिए अहम बदलाव है। यानी क्लर्क पदों में प्रमोशन के जरिए भरे जाने वाले हिस्से में ग्रुप-D कर्मचारियों की हिस्सेदारी बढ़ गई है। सरकार ने इसे प्रमोशन प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम बताया है।
