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शेखपुरा में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों की समीक्षा के लिए सोमवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में मंथन सभागार में एक बैठक हुई। इसमें जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य, कृषि, स्वास्थ्य, पेयजल और विद्युत व्यवस्था से संबंधित तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। जिले में 1 जनवरी से 17 अगस्त तक सामान्य वर्षापात 797.93 मिमी के मुकाबले केवल 424.99 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। कम वर्षा के कारण सुखाड़ की आशंका बढ़ गई है। वहीं, घाटकुसुम्भा अंचल में हरोहर नदी और टाल क्षेत्र में जल-जमाव की संभावना को देखते हुए विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जिले के सभी 54 ऑटोमैटिक रेन गेज क्रियाशील हैं। 6,510 पॉलीथीन शीट्स की व्यवस्था की गई
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए 15 निजी नाव, 22 प्रशिक्षित गोताखोर, 19 लाइफ जैकेट और 6,510 पॉलीथीन शीट्स की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, 10 राहत शिविर और 10 सामुदायिक रसोई भी तैयार रखे गए हैं। अनुग्रहिक अनुदान के लिए 62,681 लाभार्थियों का आधार सत्यापन पूरा हो चुका है। कृषि क्षेत्र में 24,144.5 हेक्टेयर में धान का आच्छादन हो चुका है। कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों के लिए डीजल अनुदान और वैकल्पिक फसलों के बीज की व्यवस्था की गई है। पशुपालन, स्वास्थ्य, पेयजल और विद्युत विभागों ने भी अपनी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति के लिए अलर्ट मोड में रहने को कहा।
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शेखपुरा में बाढ़-सुखाड़ की तैयारी तेज:सामान्य से 373 मिमी कम बारिश, 15 नाव-22 गोताखोर तैयार, 10 राहत शिविर बनाए
