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बुरहानपुर समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में बुरहानपुर में मुस्लिम समाज की ओर से विरोध जारी है। मंगलवार को ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज की महिलाएं और युवतियां एसडीएम कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एसडीएम पल्लवी पुराणिक को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 को वापस लेने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि मुस्लिम समाज की संविधान के प्रति गहरी निष्ठा है, लेकिन प्रस्तावित विधेयक संविधान की मूल भावना और मौलिक अधिकारों को प्रभावित करता है। समाज की ओर से दावा किया गया कि बिल के प्रावधान समानता और कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत के विपरीत हैं। धार्मिक और व्यक्तिगत कानूनों में हस्तक्षेप का आरोप
ज्ञापन में कहा गया कि विधेयक से संविधान की प्रस्तावना में निहित पंथनिरपेक्षता, व्यक्ति की गरिमा और बंधुत्व की भावना प्रभावित होगी। मुस्लिम समाज ने आरोप लगाया कि बिल विवाह की स्वायत्तता और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े अधिकारों पर भी असर डालता है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि धार्मिक और सामाजिक पहचान में एकरूपता लाने के बजाय संविधान के दायरे में देश की विविधता और एकता के सिद्धांत को बनाए रखा जाए। समाज ने विधेयक को वापस लेने की मांग की।
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एमपी से यूसीसी वापस लेने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन:मुस्लिम महिलाएं एसडीएम से मिलीं; बोलीं- मौलिक अधिकारों को कर रहा प्रभावित
