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बिहार में शिक्षकों का धरना-कैसी चल रही लड़कियों की लाइफ:बोलीं–वॉशरूम में पुलिस ने ताला लगाया, पिंक टॉयलेट भेजा उसमें पानी नहीं, मां कहती हैं-जीतकर आना




‘मैं बेटी होकर भी रात भर धरना स्थल पर रहने को मजबूर हूं। यहां सबसे बड़ी परेशानी शौचालय की है। पहले हम लोग एक दो दिन थाने में गए थे, लेकिन वहां के बाथरूम के गेट पर ताला लगा दिया गया। यहां पोर्टेबल शौचालय लगाया गया है, लेकिन न पानी है, न सफाई।’ यह दर्द सिर्फ प्रिया का नहीं। पटना के गर्दनीबाग में धरना प्रदर्शन में शामिल दर्जनों छात्राओं का है। इनके पास न पीने का पानी है और न बाथरूम जैसी मूलभूत सुविधा। यहां कोई 19 दिनों से अनशन पर है तो कोई चार दिन से अन्न-जल त्याग कर बैठा है। आंदोलनकारियों ने 25 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है। इस बीच दैनिक भास्कर ने धरना पर बैठी छात्राओं से बातचीत की। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट..। शौचालय में न पानी है, न सफाई, पीने तक का पानी नहीं: प्रिया गर्दनीबाग में धरने पर बैठी प्रिया ने कहा, ‘हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती धरनास्थल पर दिन-रात काटना है। हमारे बार-बार कहने के बाद नगर निगम की तरफ से पिंक शौचालय लगाया गया, उसमें भी ना तो पानी आता है और ना सफाई है। यहां तक कि हमारे पास पीने तक का पानी नहीं है। मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दी जा रही है।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार से आग्रह है कि हम यहां पर अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। कम से कम मूलभूत सुविधाएं तो दीजिए। हम कोई देशद्रोही नहीं हैं, जो हमारे साथ इतना बड़ा अन्याय किया जा रहा है। हम उन्हीं के छात्र हैं, उनके बच्चों की तरह हैं। हमारे साथ प्रदर्शन के लिए आए छात्रों में से कुछ के घर आसपास में हैं। हम उनके घर जाकर शौचालय इस्तेमाल कर रहे हैं।’ रात में धरना स्थल पर रहने को मजबूर छात्राएं प्रिया ने बताया, ‘हम बेटी होकर भी रात में बाहर रह रहे हैं, क्योंकि हमें अपना हक चाहिए। हमारे माता-पिता भी असफलता से परेशान हो गए हैं। वह भी देख रहे हैं कि इतने सालों से हम मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इस ध्वस्त सिस्टम के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।’ ‘मैंने बीपीएससी परीक्षा का इंटरव्यू दिया, अच्छे मार्क्स आए, लेकिन मेंस में खराब मार्क्स दे दिया। यह सिर्फ मेरी कहानी नहीं है, बल्कि उन सभी छात्रों की है जो परीक्षा में अच्छा लिख कर आए, लेकिन सही मार्क्स नहीं दिया गया।’ BPSC परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद कम अंक देने का आरोप प्रिया में बताया, ‘BPSC परीक्षा में धांधली हुई। जो लोग सेटिंग से गए या पैसा दिए उनकी भर्ती करने के लिए हम लोगों को बाहर किया गया है। इसके साथ ही 180 नंबर का कैप भी ला दिया गया।’ ‘इसके खिलाफ तमाम आरटीआई और कम्प्लेन किया गया, लेकिन न आयोग जवाब देती है और न सरकार कुछ बोल रही है। अगर सरकार ने सही तरीके से रिजल्ट जारी किया है तो हमारे सवालों का जवाब देने में दिक्कत क्या है?’ तेज बारिश में टेंट में आने लगता है पानी, बिजली के तारों से डर भाग्य भारती ने कहा, ‘हम अपनी मांगों को लेकर धरना पर बैठे हैं। 24 घंटे यहीं रहते हैं। हमने वाटरप्रूफ टेंट तो लगाया है, लेकिन तेज बारिश होने पर उसमें से भी पानी आने लगता है। ऊपर बिजली के तार लगे हैं। बारिश में काफी डर भी लगता है। बारिश खत्म होती है तो मच्छर परेशान करने लगते हैं। मच्छर काटते हैं तो नींद नहीं आती।’ ‘एक पोर्टेबल वॉशरूम यहां पर दिया गया है, लेकिन उसमें भी समय-समय पर ताला लगा दिया जाता है। सरकार कोशिश कर रही है कि किसी भी तरह से हमारा धरना खत्म हो जाए। कभी यहां पुलिस भेजती है तो कभी धरना स्थल पर आने जाने का रास्ता बंद कर दिया जाता है।’ ‘धरना स्थल की ठीक बगल में कचरा का ढेर लगा हुआ है। नगर निगम की वेस्टेज उठाने वाली सारी गाड़ियां यहीं पर लगी रहती हैं। काफी बदबू आती है। 25 अगस्त को हमारे तरफ से मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।’ 19वें दिन अनशन पर कुमुद पटेल, 12 किलो वजन घटा कुमुद पटेल ने कहा, ‘अभी मैं केवल पानी ले रहा हूं, वह भी डॉक्टर की सलाह पर। मेरा 12 किलो वजन घट गया है। बीपी लो है। कई परेशानी के बाद भी संघर्ष जारी है। मैंने पीएचडी होल्डरों, अतिथि शिक्षकों से वादा किया है कि उनकी लड़ाई लडूंगा। जब तक इसे मुकाम तक पहुंचा नहीं दूंगा तब तक पीछे नहीं हटूंगा।’ मां से बिना बताए धरना प्रदर्शन में शामिल हुई जाह्नवी ने कहा, ‘बिहार के मुखिया से हम मांग कर रहे हैं कि हमारी बात सुनी जाए। हमारी बात सुनने के बजाय हमें धमकाया जाता है। मैंने तीन साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है। मेरा परीक्षा केंद्र दरभंगा पड़ा था, लेकिन परीक्षा का पेपर लीक हो गया। जिन लोगों पर पेपर लीक का आरोप है, वे आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। सरकार उन्हें पकड़ने में नाकाम रही है। अगर सिस्टम फेल हुआ है, तो उसकी सजा आज हम नौजवान क्यों भुगतें?’ ‘हमने उन्हें सत्ता की कुर्सी दी है। अब आप हमारे साथ खड़े रहिए। अगर सरकार हमारे साथ खड़ी नहीं होती, तो हमें ऐसे शिक्षा मंत्री और ऐसी शासन व्यवस्था नहीं चाहिए, जो छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें डराने और धमकाने का काम करे।’ ‘हम गर्दनीबाग से कहना चाहते हैं कि चाहे हमारी लड़ाई कितनी भी लंबी क्यों न हो जाए, हम अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ी तो हम अपना सब कुछ दांव पर लगा देंगे, लेकिन पारदर्शिता और न्याय की हमारी मांग जारी रहेगी।’ ‘मैंने अनशन पर बैठने का फैसला लिया तो हमने अपने घर में नहीं बताया। मुझे लगा था कि मेरे माता-पिता मुझे बैठने नहीं देंगे। कल मेरी मां का फोन आया तो मेरी हिम्मत नहीं हुई कि उनको बता पाऊं कि मैं किस हाल में हूं। पिछले 13 दिनों से अनशन पर बैठे अमन ने कहा, ‘मैंने पिछले 8 दिनों तक पानी का भी त्याग किया था। इस दौरान शरीर पूरी तरह डिहाइड्रेट हो गया था। इसके बाद गुरु रहमान ने अपनी कसम देकर मुझे पानी पिलाया।’ ‘मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूं कि छात्रों की मांगों को मानिए। अगर सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो मैं अनिश्चितकालीन रूप से जल त्यागने का निर्णय लेने को मजबूर होऊंगा।’ BPSC की कॉपी जांच, स्कैनिंग और सॉफ्टवेयर को लेकर उठाए सवाल प्रदर्शन में बैठी प्रीति रॉय ने कहा, ‘बीपीएससी परीक्षा में हुई धांधली और अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। छात्रों की मांग है कि परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो। अनियमितता साबित होने पर परीक्षा रद्द की जाए।’ ‘बीपीएससी की कॉपी जांच, स्कैनिंग और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि नंबरों में हेरफेर हुई है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।’ छात्र नेता गुलशन कुमार ने कहा, ‘ऐसी कोई परीक्षा बताइए, जिसका पेपर लीक या विवादों से मुक्त रहा हो। BPSC, BPSC TRE-1, TRE-2, TRE-3, दरोगा भर्ती समेत हाल की भर्तियों का उदाहरण देख लीजिए।’ ‘TRE-1, TRE-2 और TRE-3 जैसी परीक्षाओं में भी अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं।’



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