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घरौंडा में अधूरी सड़क से ग्रामीण परेशान:MLA हरविंद्र कल्याण के खिलाफ नारेबाजी; एंट्री बैन की चेतावनी




करनाल जिले के कैमला से बरसत जाने वाली जिला परिषद की करीब 4 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले लगभग एक साल से अधूरी पड़ी है। सड़क का निर्माण शुरू होने के बाद काम बीच में ही बंद कर दिया गया। पूरे रास्ते पर केवल रोड़ा बिछाकर छोड़ दिया गया, जो अब जगह-जगह से उखड़ चुका है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और पशुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने भाजपा सरकार और घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ तो भाजपा नेताओं और विधायक की गांव में एंट्री बैन की जाएगी। रोड़े के रास्ते से निकलना मुश्किल यूथ कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष रजत लाठर समेत ग्रामीण बलराम, प्रमोद कुमार, अंकुश चौधरी, सोनू, गोलू और बलराज ने बताया कि कैमला से बरसत की ओर जाने वाली सड़क करीब एक साल से अधूरी है। सड़क को पक्का करने के बजाय केवल रोड़ा डालकर काम बंद कर दिया गया। अब रोड़ा भी जगह-जगह से उखड़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार साइकिल से निकलना तक मुश्किल हो गया है। बाइक चालकों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ता है। उखड़े पत्थरों के कारण वाहन चालकों के गिरने का खतरा बना रहता है और पहियों से उछलने वाले पत्थर राहगीरों को चोटिल कर सकते हैं। वाहनों के टायर हो रहे खराब ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना इसी रास्ते से लोगों का आवागमन होता है। करीब चार किलोमीटर तक उखड़े रोड़े के कारण वाहनों के टायर जल्दी खराब हो रहे हैं। साथ ही ईंधन की खपत बढ़ने और सफर में ज्यादा समय लगने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की। उनका कहना है कि पहले सड़क टूटी हुई थी, लेकिन लोग किसी तरह सावधानी से निकल जाते थे। अब निर्माण के नाम पर रोड़ा डालने के बाद स्थिति और खराब हो गई है। रास्ते से गुजरने वाले पशुओं को भी परेशानी हो रही है। अधिकारियों के चक्कर काटने का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण पूरा कराने के लिए उन्होंने अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान नेता गांव में वोट मांगने आते हैं, लेकिन चुनाव के बाद मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने कहा कि भाजपा को इस गांव से बड़ी संख्या में वोट मिले हैं, इसके बावजूद उन्हें सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नेताओं की एंट्री बैन की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क का निर्माण जल्द पूरा नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उनका कहना है कि जरूरत पड़ी तो भाजपा नेताओं और विधायक को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क की खराब हालत के कारण पहले जहां लोग टहलने के लिए भी आते थे, वहीं अब हादसे के डर से लोग इस रास्ते से बचने लगे हैं। उनका दावा है कि यहां छोटे हादसे भी हो चुके हैं। बरसात के बाद शुरू होगा काम जिला परिषद के जेई रामलाल सिंह ने बताया कि कैमला-बरसत रोड का निर्माण अगले महीने शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि फैक्टरी और रिहायशी क्षेत्र में इंटरलॉकिंग का काम पूरा हो चुका है। अब मुख्य सड़क का निर्माण बाकी है। जेई के अनुसार बरसाती मौसम के कारण सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब बारिश का मौसम खत्म होने की ओर है, इसलिए अगले महीने सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। विभाग का दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिलेगी।



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