Headlines

Jharkhand High Court JSSC CGL Recruitment Case



झारखंड हाई कोर्ट ने JSSC-CGL के माध्यम से नियुक्त अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत जारी रखी है। राज्य सरकार की ओर से नियुक्तियां रद्द करने के लिए 18 अगस्त को जारी आदेश पर रोक बरकरार रहेगी। कोर्ट के आदेश के बाद इन परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्त हुए अभ्यर्थी

.

CID जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में होगी पेश

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत में CID की जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करने और जवाबी शपथ पत्र दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई। अदालत ने सरकार के आग्रह को स्वीकार करते हुए 48 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने पूर्व में CID की जांच रिपोर्ट तलब की थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन तथ्यों के आधार पर सरकार ने नियुक्तियों को रद्द करने जैसा निर्णय लिया। अब सरकार की ओर से जांच में सामने आए तथ्यों और उसके आधार पर लिए गए फैसले का विवरण अदालत के समक्ष रखा जाएगा।

कोर्ट ने कहा था – नैसर्गिक न्याय का नहीं हुआ पालन

पिछली सुनवाई में अदालत ने नियुक्तियों के जरिए काम कर रहे पदाधिकारियों को हटाने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी। इससे पहले जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार के 18 अगस्त के उस आदेश पर रोक लगाई थी, जिसके तहत संबंधित परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया था। सरकार के आदेश के बाद इन परीक्षाओं से नियुक्त नवनियुक्त पदाधिकारियों की नियुक्तियां भी रद्द हो गई थीं।

अदालत ने प्रथम दृष्टया कहा था कि मामले में सरकार की कार्रवाई में नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया प्रतीत होता है। इसी आधार पर कोर्ट ने कहा था कि इन पदों पर नियुक्त अभ्यर्थियों को अगले आदेश तक नौकरी से नहीं हटाया जाए।

कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा था कि सीआईडी की अब तक की जांच में ऐसा कौन-सा तथ्य सामने आया, जिसके आधार पर सरकार ने इतना कड़ा निर्णय लिया।

4 परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को चुनौती

राज्य सरकार की ओर से नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इनमें सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसके तहत जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ति, सीडीपीओ और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया था।

सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है, जिनमें TDPL की भूमिका रही थी। चूंकि इन चारों परीक्षाओं में नियुक्तियां हो चुकी थीं, इसलिए नियुक्त अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने फिलहाल नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक लगाकर अभ्यर्थियों को राहत दी है। अब 18 सितंबर की सुनवाई में सीआईडी जांच रिपोर्ट और सरकार के जवाब के आधार पर मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *