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शेखपुरा में स्कूली बच्चों को 900 पौधे बांटे गए:रोटरी क्लब और मिशन हरियाली ने चलाया पर्यावरण जागरूकता अभियान




पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को बरबीघा स्थित संत मैरी्स इंग्लिश प्लस टू स्कूल में पौधा वितरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। रोटरी क्लब ऑफ शेखपुरा सेंट्रल और मिशन हरियाली नूरसराय, नालंदा के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों के बीच 900 फलदार, छायादार और इमारती पौधे वितरित किए गए। इस दौरान बच्चों को पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया गया। बच्चों को बताया पेड़ों का महत्व कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने बच्चों को पर्यावरण संतुलन और वृक्षारोपण के महत्व की जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि पेड़-पौधे केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वच्छ हवा, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए भी जरूरी हैं। लगातार बढ़ते पर्यावरणीय खतरे को देखते हुए हर व्यक्ति को अपने स्तर से प्रकृति संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी। बच्चों को पौधों की देखभाल और उनके संरक्षण के तरीके भी बताए गए। उन्हें कहा गया कि जिस पौधे को वे अपने साथ ले जा रहे हैं, उसकी जिम्मेदारी भी वे स्वयं लें और उसे बड़ा होने तक नियमित रूप से पानी दें। बचपन से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का उद्देश्य रोटरी क्लब ऑफ शेखपुरा सेंट्रल के अध्यक्ष रोहित प्रसाद सिंह और मिशन हरियाली नूरसराय के मुख्य संयोजक राजीव कुमार ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे अभी से पेड़-पौधों के महत्व को समझेंगे तो भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी भूमिका और मजबूत होगी। पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। रोटरी क्लब और मिशन हरियाली के सदस्य रहे मौजूद कार्यक्रम में रोटरी क्लब ऑफ शेखपुरा सेंट्रल के अध्यक्ष रोहित प्रसाद सिंह, सचिव संजय कुमार, प्रिंस पीजे, सदस्य अविनाश कुमार रंजन और अमित लोहानी मौजूद रहे। वहीं मिशन हरियाली नूरसराय, नालंदा की ओर से मुख्य संयोजक राजीव कुमार समेत अन्य अतिथियों ने हिस्सा लिया। स्कूल प्रशासन और विद्यार्थियों ने इस हरित पहल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में पौधों के प्रति उत्साह भी देखने को मिला। आयोजकों ने बताया कि ऐसे अभियानों के जरिए अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।



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