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महोबा जिले में मौसम बदलते ही तेज बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। बीते एक महीने में अर्पिता, दिव्या और सनी समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों और तीमारदारों की भारी भीड़ जुट गई। पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक लंबी कतारें लगी रहीं। लाइन में आगे लगने को लेकर कई बार मरीजों के बीच नोकझोंक भी हुई। दिनभर में करीब 600 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें 170 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। मलेरिया, टाइफाइड और प्लेटलेट्स गिरने के लक्षण जांच रिपोर्ट में डेंगू के 3 और टाइफाइड के 2 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही इलाके में अब तक डेंगू के कुल 22 मरीज सामने आ चुके हैं। तेज बुखार के साथ मरीजों में मलेरिया, टाइफाइड और प्लेटलेट्स गिरने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पिछले 24 घंटे में हालत बिगड़ने पर 13 नए मरीजों को जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती कराया गया है। फागिंग और छिड़काव तेज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में फागिंग और दवाओं का छिड़काव तेज कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने रविवार सुबह 8 बजे बताया कि संक्रमित मरीजों का विशेष वार्डों में इलाज चल रहा है। सभी चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि बुखार आने पर इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार इलाज लें।
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महोबा में बुखार का कहर: एक महीने में 10 मौतें:डेंगू के 22 मरीज; अस्पताल में 600 की ओपीडी, 170 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच को भेजे
