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दरभंगा में 6 साल में पंचायत सरकार भवन बना। भवन अभी नया है, इसी साल जनवरी में बनकर तैयार हुआ। 2 दिन पहले इसके टूटे चबूतरे का वीडियो सामने आया था, अब भवन के दीवारों में भी दरारें दिख रही हैं। 12 दिन पहले पेंटिंग हुई, पर नया पेंट भी झड़ने लगा है। इसका कारण दीवारों पर नमी और सीलन है। पंचायत सरकार भवन के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप हैं। 11 सितंबर को शिकायत भी की गई थी। इसके बाद 12 कमरों वाले भवन का A To Z काम मात्र 20 दिन में पूरा कर दिया गया। अब सवाल उठने लगे हैं कि 6 महीने पुरानी बिल्डिंग सीलन कैसे होने लगी। किस तरह की ईंट-सीमेंट का इस्तेमाल हुआ कि इतनी जल्दी दीवारों में दरारें आने लगे। कौन सा पेंट दीवारों पर चढ़ाया कि वो इतना जल्दी झड़ने लगा। मामला अलीनगर प्रखंड के लहटा तुमौल सुहथ पंचायत का है। भवन में अनियमितता की शिकायत के बाद भास्कर रिपोर्टर मौके पर पहुंचे, वहां क्या देखा, अधिकारियों और गांव के लोगों ने क्या बोला पढ़िए रिपोर्ट… पहले कुछ तस्वीरें… अब सलसिलेवार पढ़िए भास्कर रिपोर्टर की पड़ताल में क्या सामने आया? पंचायत सरकार भवन जिला जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है। भवन की ओर जाने वाली सड़क अच्छी नहीं थी। जहां निर्माण हुआ, वहां झाड़ियां दिखी। इलाका सुनसान था। वहां से गांव करीब 250 मीटर दूर है। पड़ताल के लिए भास्कर रिपोर्टर जब मौके पर पहुंचे तो देखा कि पंचायत सरकार भवन में आगे की दीवारों से प्लास्टर झर रहे थे। उसे एक मजदूर ठीक कर रहा था। सभी कमरों के दरवाजे खुले थे। सीमेंट की बोरियां रखी थी। इलेक्ट्रिशियन बोर्ड तैयार कर रहा था। नए पंखे लगाए जा रहे थे। पूरे भवन में करीब 35 पंखे लगे हैं। पहली मंजिल पर दीवार में दरार भी दिखी। पंचायत सरकार भवन को लेकर ग्रामीणों ने क्या कहा… गुणवत्ता पर सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग ग्रामीण मंटून झा ने पंचायत सरकार भवन के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मंटून कहते हैं कि 2020 में तत्कालीन मुखिया राधेश्याम की मौजूदगी में पंचायत सरकार भवन की नींव रखी गई थी। उस समय ग्रामीणों से कहा गया था कि जाति, आवासीय, आय, मृत्यु प्रमाण पत्र सहित पंचायत स्तर के कई काम अब पंचायत में ही हो सकेंगे। 2020 से 2026 आ गया, लेकिन पंचायत सरकार भवन का उद्देश्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। भवन निर्माण के बाद दीवारों में दरार और टूट-फूट दिखाई दे रही है। पहले भी भवन के एक हिस्से में दरार आने के बाद काम कराया गया था। ‘लगातार मजदूर काम करते रहे हैं’ ग्रामीण मोती राय ने कहा कि कोई स्पष्ट गड़बड़ी नजर नहीं आई। निर्माण स्थल पर लगातार मजदूर और मिस्त्री काम करते रहे हैं। चबूतरे के टूटने की जानकारी हुई है। पर इसकी वास्तविक वजह मुझे मालूम नहीं है। ‘जल्द भवन शुरू होना चाहिए’ ग्रामीण मनोहर कुमार मिश्रा ने कहा कि भवन का काम ठीक दिख रहा है। किसी भवन में समय के साथ मरम्मत की जरूरत पड़ सकती है, पर अब भवन जल्द शुरू होना चाहिए, ताकि पंचायत के लोगों को इसका लाभ मिल सके। दूसरे ग्रामीण रविंद्र झा ने कहा कि गांव के लोग करीब छह साल से भवन शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। भवन में गड़बड़ी की शिकायत किसने की थी, क्या कमियां मिली थी… 11 सितंबर को शिकायत की गई थी शिकायतकर्ता मनु मिश्रा ने अप्रैल 2026 में वीडियो बनाते हुए दिखाया कि नए भवन में पेंटिंग ही नहीं हुई है, नए भवन के चबूतरे में दरारें आ गईं हैं, पिलर भी टेढ़ा हो गया है। इनके अलावा भी अन्य कमियां गिनाई। मुख्यमंत्री के सहयोग पोर्टल पर 11 सितंबर को पहली बार शिकायत के बाद पंचायती राज विभाग ने भवन में काम कराना शुरू कर दिया। जो पंचायत सरकार भवन 8 महीने से बदरंग पड़ा था, शिकायत के 20 दिन में बिलकुल चमका दिया गया और कहा गया कि शिकायतकर्ता का वीडियो 2 साल पुराना है। भवन का काम पूरा हो चुका है। अब जानें जिम्मेदारों ने क्या जवाब दिया, भवन बनने में इतना देर क्यों हुआ, चबूतरा टूटने के पीछे क्या दिया तर्क ‘ट्रैक्टर की ठोकर से चबूतरा टूट गया था’ पंचायत सचिव सुमन प्रसाद ने बताया कि चबूतरे के एक हिस्से को ट्रैक्टर ने ठोकर मारी थी। चबूतरे के नीचे हाल में मिट्टी डाली गई थी। बारिश के कारण चबूतरा टूटा होगा। जिसे ठीक करा लिया गया है। भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। योजना विकास विभाग के एसडीओ और तकनीकी सहायक की ओर से निरीक्षण के बाद भवन को कंप्लीट बताया गया है। बाकी छोटे-मोटे काम भी जल्द पूरे कर लिए जाएंगे। ‘एसडीओ की निगरानी में काम हुआ है, अनियमितता नहीं हुई’ स्थानीय मुखिया सतीश चंद्र झा ने कहा कि पंचायत सरकार भवन को सुरक्षित रखना मेरी प्राथमिकता है। निर्माण सरकार के निर्देश और मॉडल एस्टीमेट के आधार पर कराया गया है। निर्माण के दौरान योजना-विकास विभाग के एसडीओ ने समय-समय पर निरीक्षण किया और अधिकारियों की निगरानी में काम कराया गया। किसी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई है। चबूतरा टूटने के संबंध में मुखिया ने कहा कि मैं मौजूद नहीं था। किसी वाहन के धक्का लगने से चबूतरा टूट सकता है या मिट्टी बैठने से भी ऐसी स्थिति हो सकती है। इसे दोबारा ठीक करा दिया गया है। अब वहां किसी प्रकार की समस्या नहीं है। पंचायत सरकार भवन का लगभग पूरा काम हो चुका है। फिलहाल बिजली से संबंधित कुछ काम चल रहे हैं। 10 से 15 दिनों में शेष काम पूरा कराने का प्रयास है और अक्टूबर में हर हाल में भवन का उद्घाटन हो जाएगा। यहां मुखिया, सरपंच, उपमुखिया, उपसरपंच, पंचायत सचिव और डाटा ऑपरेटर सहित पंचायत स्तर के कर्मी बैठेंगे और लोगों को सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। ‘मजदूर की मौत होने से 6 महीने काम बंद रहा’ 2020 में शुरू हुई योजना के 2026 तक लंबित रहने के सवाल पर मुखिया सतीश चंद्र झा ने बताया कि पूर्व मुखिया राधेश्याम झा के कार्यकाल में काम शुरू हुआ था। 2021 में चुनाव के बाद मैं मुखिया निर्वाचित हुआ, लेकिन मुझे वास्तविक रूप से प्रभार 2022 में मिला। इसके बाद करीब 6 महीने का समय प्रभार और कागजी प्रक्रिया में चला गया। काम दोबारा शुरू होने के बाद एक मजदूर की मौत हो गई, जिसके कारण करीब 6 महीने तक काम प्रभावित रहा। पुराने एस्टीमेट के अनुसार काम कराना संभव नहीं था, क्योंकि निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि हो गई थी। एस्टीमेट को संशोधित कर जिला स्तर पर भेजा गया। संशोधित एस्टीमेट स्वीकृत होने के बाद दोबारा काम शुरू कराया गया। इन कारणों से भवन निर्माण में देरी हुई। ‘भ्रष्टाचार या अनियमितता नहीं हुई’ योजना विकास विभाग के एसडीओ उपेंद्र कुमार ने बताया कि करीब 10 दिन पहले मैंने खुद भवन का निरीक्षण किया था। उस समय भवन का अधिकांश काम पूरा हो चुका था और पंखा आदि लगाने का काम बाकी था। अब यह काम भी पूरा हो गया है। भवन निर्माण में कुछ विलंब जरूर हुआ है, लेकिन निर्माण कार्य मॉडल एस्टीमेट के अनुसार कराया गया है। भवन निर्माण में किसी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता की बात सामने नहीं आई है।
यह पंचायत सरकार भवन मुखिया के माध्यम से बन रहा है। विभाग की ओर से निर्माण कार्य की तकनीकी स्थिति और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम की जांच की जाती है। ‘दोबारा आवेदन मिलने पर जांच की जाएगी’ पंचायती राज पदाधिकारी दीपिका झा ने बताया कि पंचायत सरकार भवन से संबंधित शिकायत की जांच कराई गई थी। पंचायत सचिव के माध्यम से जांच कराकर इसकी रिपोर्ट जिला पंचायती राज पदाधिकारी को सौंप दी गई है। शिकायतकर्ता ने दोबारा जांच की मांग की है। हाालंकि इस संबंध में कोई आवेदन नहीं मिला है। अगर आवेदन मिलता है तो इसे देखेंगे। शिकायतकर्ता मनु मिश्रा पहले से ही आरटीआई के माध्यम से पंचायत से जुड़ी विभिन्न शिकायतों और मामलों की जानकारी मांगते रहे हैं। पंचायत में उन्हें जहां भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका होती है, वे शिकायत करते हैं। पंचायत सरकार भवन का काम अब पूरा हो चुका है। भवन निर्माण में अनियमितता की जानकारी नहीं है। भवन का काम ठीक-ठाक हुआ है और फिलहाल किसी तरह की दिक्कत नहीं है। पंचायत के अध्यक्ष मुखिया होते हैं। भवन का काम पूरा होने के बाद आवश्यक फर्नीचर के साथ पंचायत का कार्यालय वहां शिफ्ट किया जाएगा। – ललित कुमार मिश्रा, बीडीओ, अलीनगर अलग-अलग डेट में 2 शिकायतें लहटा तुमौल सुहथ पंचायत निवासी मनु कुमार मिश्रा ने पहले 11 सितंबर को सहयोग पोटर्ल पर शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि पंचायत सरकार भवन करीब 6 साल से अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य में पैसों का दुरुपयोग हुआ है। अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए। इसके बाद प्रखंड स्तर से 17 सितंबर को जिला पंचायती राज पदाधिकारी पवन कुमार को रिपोर्ट भेजी गई। रिपोर्ट में बताया गया कि भवन का निर्माण पूरा हो चुका है, पर शिकायतकर्ता मनु विभागीय जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने फिर 26 सितंबर को सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की।
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8 महीने पुराने पंचायत भवन की दीवार में दरार-सीलन:रंगरोगन के 12 दिन बाद उखड़े पेंट, भ्रष्टाचार की शिकायत पर 20 दिन में A To Z काम
