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तरनतारन के थाना सिटी पट्टी की पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर हुई धोखाधड़ी, बेटी की विदेश में मौत और आर्थिक-मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मृतक की पहचान कुलवंत सिंह के रूप में हुई है, जिन्होंने जहरीली दवा पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इटली का झांसा देकर आर्मेनिया भेजा, इलाज के अभाव में बेटी की हुई मौत
पुलिस को दी शिकायत में मृतक की पत्नी सरबजीत कौर ने बताया कि आरोपी महिला मनप्रीत कौर ने उनकी बेटी नगीता को इटली भेजने के नाम पर 3.5 लाख रुपये लिए थे। हालांकि, मनप्रीत ने नगीता को इटली भेजने के बजाय धोखे से आर्मेनिया भेज दिया। आर्मेनिया में नगीता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मनप्रीत का बेटा सुखदेव सिंह भी नगीता के साथ आर्मेनिया में मौजूद था। गंभीर बीमारी और उचित व्यवस्था न होने के कारण बीते 2 जुलाई को आर्मेनिया में नगीता की मौत हो गई। पैसे मांगने पर किया जलील, तंग आकर गटका ज़हर पीड़ित मां ने बताया कि बेटी की मौत के बाद जब उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो मनप्रीत ने 1.90 लाख रुपये लौटाने का वादा किया, लेकिन उसने केवल 55 हजार रुपये ही दिए। बाकी बचे पैसों की मांग करने पर आरोपी मनप्रीत और उसके पति रेशम सिंह ने कुलवंत सिंह के साथ बदसलूकी की और उन्हें भला-बुरा कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। बेटी के जाने के गम और आर्थिक तंगी के बीच इस अपमान से क्षुब्ध होकर कुलवंत सिंह ने घर में रखी जहरीली दवा निगल ली। अस्पताल से घर लाते ही तोड़ा दम, तीन पर एफआईआर दर्ज ज़हर निगलने के बाद परिजनों ने कुलवंत को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के लिए पर्याप्त पैसे न होने के कारण मजबूरी में उन्हें घर वापस लाना पड़ा, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। सरबजीत कौर ने अपनी बेटी की मौत और पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का सीधा जिम्मेदार मनप्रीत कौर, उसके पति रेशम सिंह और बेटे सुखदेव सिंह को ठहराया है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता के बयानों के आधार पर तीनों आरोपियों मनप्रीत कौर, रेशम सिंह और सुखदेव सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
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तरनतारन-एजेंटों के धोखे के शिकार व्यक्ति ने दी जान:विदेश में फंसी बेटी की मौत से था आहत, इंटली का झांसा देकर भेज दिया था अर्मेनिया
