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एमिटी लॉ स्कूल, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर में ‘एमिटी क्विज ऑन कंटेम्परेरी लॉ (AQCL) 2026’ के 8वें संस्करण की राष्ट्रीय क्विज प्रतियोगिता का शानदार समापन हुआ। भावी विधिवेत्ताओं (Lawyers) के कानूनी ज्ञान और तार्किक क्षमता को निखारने के उद्देश्य से
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प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ एमिटी लॉ स्कूल के निदेशक प्रो. डॉ. तपन चंडोला ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह पूरी प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित की गई— एलिमिनेशन राउंड, सेमीफाइनल और फाइनल राउंड। हर चरण में प्रतिभागियों के त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, तार्किक सोच और समसामयिक विधिक विषयों की समझ को परखा गया। दिलचस्प बात यह रही कि अंतिम चरण में प्रतिभागियों के समक्ष ऑडियो-विजुअल (Audio-Visual) फॉरमेट में भी प्रश्न प्रस्तुत किए गए।
CMP डिग्री कॉलेज ने मारी बाजी
इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभागी टीमों के बीच कड़ा बौद्धिक मुकाबला देखने को मिला। फाइनल राउंड में अपने ज्ञान का लोहा मनवाते हुए सीएमपी (CMP) डिग्री कॉलेज, प्रयागराज की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की टीम को प्रथम उपविजेता (First Runner-up) और सेंट्रल लॉ कॉलेज की टीम को द्वितीय उपविजेता (Second Runner-up) घोषित किया गया।
इस प्रतियोगिता में बीबीडी लखनऊ, इंटीग्रल विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, सिटी लॉ कॉलेज, मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय और नवादा विधि महाविद्यालय सहित कई जाने-माने संस्थानों की टीमों ने अपना दमखम दिखाया।
सिर्फ स्मरण शक्ति नहीं, आलोचनात्मक चिंतन की होती है परख
समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में इंस्टीट्यूट ऑफ ज्यूडिशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च की निदेशक कुमारी रेखा अग्निहोत्री बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “ऐसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं केवल विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति का परीक्षण नहीं करतीं, बल्कि उनकी मेधा, विधिक ज्ञान, तार्किक क्षमता और आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) को भी गहराई से परखती हैं।”
