आशीष त्यागी | बागपत5 मिनट पहले
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बागपत के ऐतिहासिक पुरा महादेव परशुरामेश्वर मंदिर में श्रावण मास की शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचे। अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया है। मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बागपत की डीएम अस्मिता लाल और एसपी सूरज कुमार राय सहित कई अधिकारियों ने मंदिर में झंडारोहण और पूजा-अर्चना की। मंदिर में लगातार पूजा-अर्चना और जलाभिषेक जारी है।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जय भगवान शर्मा ने बताया कि 20 लाख से अधिक शिवभक्तों ने अब तक जलाभिषेक किया है। अभी शिव भक्त लगातार मंदिर पहुंच रहे हैं और करीब 25 से 30 लाख शिव भक्त भगवान आशुतोष को जल अर्पित करेंगे। उन्होंने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की भी जानकारी दी।
यह बागपत का एक ऐतिहासिक मंदिर है जिसकी विशेष मान्यता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान परशुराम ने यहां पूजा-अर्चना की थी और हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लाकर भगवान शिव को अर्पित किया था। माना जाता है कि तभी से श्रावण और फाल्गुन मास में कांवड़ यात्रा की शुरुआत हुई।

पंडित शर्मा ने यह भी बताया कि मंदिर में स्थापित शिवलिंग साल में कई बार रंग बदलता है। भक्तों का मानना है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है और भगवान भोलेनाथ भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।
पंडित जय भगवान शर्मा ने शिवभक्तों से जलाभिषेक के बाद एक पौधा लगाने की अपील की। उन्होंने पर्यावरण के महत्व को समझने और इसे बचाने में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने ‘जल है तो कल है’ का संदेश देते हुए कहा कि पर्यावरण से ही सब सुरक्षित रहेगा। उन्होंने भक्तों से प्लास्टिक मुक्त अभियान में भी हिस्सा लेने का आह्वान किया। फिलहाल, बागपत के इस ऐतिहासिक मंदिर में शिवभक्तों द्वारा जलाभिषेक जारी है और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं।

