अनूपपुर; अमरकंटक में 70 हजार से अधिक शिवभक्त पहुंचे:तीसरे सोमवार और नागपंचमी पर नर्मदा दर्शन, जलाभिषेक किया




श्रावण मास के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पावन संयोग पर आदितीर्थ अमरकंटक में आस्था का जनसैलाब उमड़ा। अनुमान के अनुसार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित कई क्षेत्रों से 70 हजार से अधिक शिवभक्त और श्रद्धालु मां नर्मदा के पावन तट पर पहुंचे। उन्होंने नर्मदा स्नान के साथ भगवान ज्वालेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। ब्रह्ममुहूर्त से ही अमरकंटक के प्रमुख घाटों, मंदिरों और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। सुबह से ही स्नान, दर्शन, पूजन-अर्चन और जलाभिषेक का क्रम प्रारंभ हो गया। ज्वालेश्वर धाम पहुंचने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रामघाट और कोटि तीर्थ घाट में आस्था की डुबकी लगाई। पवित्र नर्मदा में स्नान के बाद श्रद्धालु मां नर्मदा उद्गम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मां नर्मदा के दर्शन-पूजन कर पवित्र जल प्राप्त किया। इसके बाद यही नर्मदा जल लेकर कांवड़िए और शिवभक्त भगवान ज्वालेश्वर महादेव के जलाभिषेक के लिए ज्वालेश्वर धाम की ओर रवाना हुए। लगे भगवान भोले नाथ के जयकारे पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव”, “बोल बम”, “बम-बम भोले” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष गूंजते रहे। ज्वालेश्वर महादेव की आराधना करने पहुंचे श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और आस्था का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। महिला, पुरुष, युवा, बुजुर्ग और कांवड़ यात्रियों सहित हर वर्ग के श्रद्धालु शिवभक्ति में लीन नजर आए। श्रावण शुक्ल पंचमी और नागपंचमी के पावन पर्व के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य से अधिक रही। नर्मदा स्नान और पूजन के साथ नागपंचमी के धार्मिक महत्व को लेकर भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। सावन के तीसरे सोमवार की अन्य तस्वीरें… यहां से पहुंचे श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, मुंगेली, लोरमी, पंडरिया, पाडातरई, कोरबा, रतनपुर, ओडिशा के बरगद, रायपुर, शहडोल, बुढार, धनपुरी, अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी, पुष्पराजगढ़ और डिंडोरी सहित आसपास के अनेक क्षेत्रों के शिवभक्त शामिल थे। कई श्रद्धालु समूहों में कांवड़ लेकर पहुंचे, जबकि अनेक भक्त निजी वाहनों और अन्य साधनों से अमरकंटक पहुंचे। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी रहा।



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