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केरलम के एक शख्स ने महज 500 रुपए की एक लॉटरी टिकट खरीदी। कुछ महीने बाद उसे 30 करोड़ रुपए का जैकपॉट लगा। ये लॉटरी सिस्टम है- केरलम सरकार का। आखिर ये सिस्टम कैसे काम करता है, सरकार को इससे क्या फायदा होता है और क्या आप भी इसे खरीद सकते हैं; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: कन्नूर के शख्स ने कैसे जीती 30 करोड़ रुपए की लॉटरी? जवाब: केरलम सरकार ने 1967 में लॉटरी शुरू की थी, तब भारत में कानूनी तौर पर ऐसा पहली बार हुआ था। केरलम सरकार का लॉटरी डिपार्टमेंट हर हफ्ते सामान्य लकी ड्रॉ निकालता है, लेकिन ओणम, क्रिसमस, नया साल और विशु जैसे त्योहारों पर एक स्पेशल ‘बंपर’ ड्रॉ निकालता है। इन मौकों पर इनाम की रकम सामान्य ड्रॉ से कई गुना ज्यादा रखी जाती है। इस बार ओणम के मौके पर केरलम सरकार ने ‘BR-111 तिरुवोणम बंपर’ के लिए 30 करोड़ रुपए से लेकर 500 रुपए तक के इनाम रखे। 26 सितंबर को तिरुवनंतपुरम के गोर्की भवन में इनका लकी ड्रॉ निकाला। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन मौजूद रहे। जजों का पैनल और चार्टर्ड अकाउंटेंट भी मौजूद रहे, जिनकी निगरानी में लकी ड्रॉ निकाला गया। स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस जानिए… इसी प्रोसेस के चलते 30 करोड़ रुपए का पहला इनाम ‘TL 360615’ टिकट को मिला है। ये टिकट कन्नूर के लॉटरी एजेंट अनीश एमवी ने बेची थी। हालांकि जीतने वाले का नाम अभी तक सामने नहीं आ पाया है। माना जा रहा है कि कन्नूर के रहने वाले शख्स को पहला इनाम मिला है। इस बंपर में दूसरा इनाम 1-1 करोड़ रुपए के 20 लोगों को, तीसरा 25-25 लाख के 20 लोगों को, चौथा 5-5 लाख के 10 लोगों और पांचवां 2-2 लाख के 10 लोगों को मिलेगा। इसके अलावा 5000, 2000, 1000 और 500 रुपए के 4 छोटे इनाम भी हैं। कुल 5.34 लाख लोगों को 125.54 करोड़ रुपए मिलने वाले हैं। सवाल-2: केरलम सरकार महज 500 रुपए की टिकट के बदले इतनी बड़ी रकम क्यों देती है? जवाब: यह पूरा खेल बड़ी मात्रा में टिकटों की बिक्री और प्रायिकता पर टिका है। पूरी गणित समझिए… सवाल-3: तो क्या भारत में सभी राज्यों में लॉटरी सिस्टम चलता है? जवाब: भारत में लॉटरी का पूरा खेल केंद्रीय कानून लॉटरीज (रेगुलेशन) एक्ट, 1998 से चलता है। इस कानून के मुताबिक, कोई भी प्राइवेट कंपनी या एप लॉटरी सिस्टम नहीं चला सकती, सिर्फ राज्य सरकारें ही अपने यहां नियम और शर्तों के साथ लॉटरी चला सकती हैं। बिना इजाजत के लॉटरी चलाना, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 297 के तहत अपराध है। ऐसा करने पर दोषी को जेल, जुर्माना या दोनों की सजा मिल सकती है। फिलहाल कुल 9 राज्यों में लॉटरी खेली जा सकती है- केरलम, गोवा, महाराष्ट्र, अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, पंजाब, और पश्चिम बंगाल। जबकि गुजरात, तमिलनाडु, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने इसे पूरी तरह बैन कर रखा है। राज्य सरकारें अपना लोगो लगाकर कुछ रजिस्टर्ड एजेंट, डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए और खुद भी टिकट बेचती हैं। बिकने वाली टिकटों का पैसा सरकार के खाते में जाता है। बाद में सरकार ही लॉटरी ड्रॉ निकालती है। लॉटरी में जीती रकम पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 194B लागू होती है। अगर इनाम 10,000 रुपए से ज्यादा है, तो पहले 30% टीडीएस कट जाता है, फिर टैक्स पर 4% का हेल्थ-एजुकेशन सेस। यानी कुल कटौती करीब 31.2% हुई। अगर इनाम की रकम 50 लाख से 1 करोड़ रुपए के बीच में है, तो टैक्स पर 10% एडिशनल सरचार्ज लगता है, यानी कुल 34.32% की कटौती। अगर रकम 1 करोड़ से ज्यादा है, तो ये सरचार्ज 15% हो जाता है, यानी 35.88% की कटौती। इसमें किसी तरह की छूट नहीं मिलती। सवाल-4: क्या दूसरे राज्यों के लोग भी केरलम की लॉटरी खरीद सकते हैं? जवाब: हां, दूसरे राज्य में रहने वाले भी केरलम सरकार की लॉटरी टिकट खरीद सकते हैं और जीतने पर इनाम की रकम पर दावा कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें हैं… 2023 के ओणम बंपर का 25 करोड़ रुपए का पहला इनाम तमिलनाडु के तिरुपुर के चार दोस्तों ने जीता था। इन्होंने केरलम-तमिलनाडु सीमा के पास पलक्कड़ से टिकट खरीदी थी। सवाल-5: बड़ी रकम जीतने की संभावना के बावजूद लॉटरी खेलना खराब क्यों माना जाता है? जवाब: लॉटरी की आदत धीरे-धीरे मेहनत के कॉन्सेप्ट को कमजोर करती है और लोग किस्मत के भरोसे ज्यादा रहने लगते हैं। हर बार दिमाग सोचता है कि अगली बार जीतूंगा और यही पैटर्न जुए की तरह लत बन जाता है। लॉटरी ज्यादातर लोअर या मिडिल क्लास लोग खरीदते हैं, जो अपनी जिंदगी में ‘एक मौका’ चाहते हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि टिकट खरीदने वाले ज्यादातर लोगों का पैसा डूब जाता है। जैसे- इस बार केरलम में करीब 95% लोगों को कुछ नहीं मिला। जबकि कई मामलों में 99.99% लोगों को कुछ नहीं मिलता, यानी लॉटरी के जरिए ज्यादातर लोगों की वेल्थ में कुछ भी नहीं जुड़ता। **डिस्क्लेमर** यह खबर केवल सूचना के मकसद से प्रकाशित की गई है। हम लॉटरी को बढ़ावा नहीं देते हैं। लॉटरी एक गेम ऑफ चांस है, जिसमें जीत की कोई गारंटी नहीं होती। लॉटरी खेलना पूरी तरह आपकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। ———— ये खबर भी पढ़िए… अब तक मुफ्त UPI का खर्च कौन उठाता था, नए चार्ज से कितने पैसे जुटेंगे, किसे-कितना फायदा मिलेगा
15 अक्टूबर 2026 से UPI पर नया चार्ज लगने जा रहा है। 2,000 रुपए से ज्यादा के पेमेंट पर दुकानदारों को 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR देना होगा। सरकार का कहना है कि ग्राहक की जेब से एक रुपया भी नहीं कटेगा। पूरी खबर पढ़िए…
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आज का एक्सप्लेनर:₹500 की टिकट, ₹30 करोड़ का इनाम; केरलम सरकार क्यों चलाती है लॉटरी, क्या आप भी खरीद सकते हैं
