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कांगड़ा जिले की अत्यधिक दुर्गम और ऊंचाई पर स्थित मुलथान तहसील में आगामी जनगणना को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं। सर्दियों के मौसम में होने वाली भारी बर्फबारी और विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यहाँ समय से पहले ही गणना कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है। कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) हेमराज बैरवा ने बताया कि मुलथान में जनसंख्या गणना का कार्य 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलाया जाएगा, ताकि मौसम खराब होने से पहले पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित संपन्न किया जा सके।उपायुक्त ने मुलथान गांव के पुराने जनसांख्यिकीय आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि पिछले 15 वर्षों में यहाँ की आबादी और साक्षरता में बड़े बदलाव की उम्मीद है। 17 अगस्त से खुलेगा Self-Enumeration का पोर्टल आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए इस बार ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का एक विशेष विकल्प दिया है। इसके तहत क्षेत्र के निवासी 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर घर बैठे ही खुद अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। इससे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी प्रगणकों (Enumerators) का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनका समय भी बचेगा। मुलथान: एक नजर में (वर्ष 2011 के आंकड़े) प्रशासन की जनता से सहयोग की अपील मुलथान की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों से इस राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया है। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने अपील की है कि लोग या तो निर्धारित अवधि (17-31 अगस्त) के भीतर ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करवाएं, या फिर सितंबर महीने में उनके घर आने वाले फील्ड स्टाफ (प्रगणकों) को बिल्कुल सटीक और सही जानकारी देकर उनका पूरा सहयोग करें।
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कांगड़ा के बर्फीले मुलथान में जनगणना का अलग शेड्यूल:1 से 30 सितंबर तक होगी गणना, 17 अगस्त को खुलेगा स्वगणना पोर्टल, ऑनलाइन दर्ज करें डेटा
