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श्रावण मास की पहली सोमवारी पर गोड्डा के शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शिवपुर स्थित बाबा श्री श्री 1008 रत्नेश्वर नाथ धाम, महागामा के ऊर्जनगर शिव मंदिर और लोहंडिया के महादेव बधान शिव मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्त कतारबद्ध होकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते नजर आए। ‘हर-हर महादेव’, ‘बोलबम’ और ‘जय शिव’ के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। कई भक्तों ने पूरे दिन व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। शिवपुर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मेले जैसा माहौल बना रहा, जहां महिला और पुरुष दोनों ही बड़ी संख्या में जल चढ़ाने पहुंचे। 400 साल पुराना है रत्नेश्वर धाम शिवपुर स्थित करीब 400 वर्ष पुराने बाबा 1008 रत्नेश्वर नाथ धाम मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व विशेष माना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यहां सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। विशेष रूप से पुत्र रत्न की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। इसी आस्था के कारण इस मंदिर का नाम रत्नेश्वर नाथ पड़ा। मंदिर की एक और खासियत यह है कि यहां बाबा रत्नेश्वर नाथ, बाबा धनेश्वर नाथ और बाबा कपलेश्वर नाथ तीनों शिवलिंगों की एक साथ पूजा की जाती है, जो इसे जिले के अन्य शिवालयों से अलग पहचान देती है। पुजारी विवेकानंद ठाकुर के अनुसार, सावन के प्रत्येक सोमवार को यहां 10 हजार से अधिक श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात इस वर्ष श्रावण मास में चार सोमवारी का विशेष संयोग बन रहा है, जिसमें पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त को पड़ रहा है। पहली सोमवारी पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए गोड्डा पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस की मौजूदगी के कारण श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन करने में सहूलियत मिली और भीड़ नियंत्रण भी बेहतर तरीके से किया गया।
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गोड्डा के रत्नेश्वर नाथ धाम में पहुंचे भक्त:पहली सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सागर, 10 हजार से ज्यादा भक्तों ने किया जलाभिषेक
