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शिमला जिला के ठियोग के प्रेमघाट चौक से दो युवकों को कथित तौर पर जबरन गाड़ी में बैठाकर किडनैप करने, 40-50 युवकों की मौजूदगी में मारपीट करने और फिरौती मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले में ठियोग पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न छह धाराओं के तहत FIR जरूर की है, लेकिन चार दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे है। काव्यांश के मामा नरेश और कार्तिक के पिता रोशन ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर असंतोष जाहिर किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे डरे व सहमे हुए हैं। दोनों को काफी देर तक किडनेप करके रखा गया। इस दौरान मारपीट भी की गई। वहीं पुलिस को दी शिकायत के अनुसार काव्यांश वर्मा और कार्तिक वर्मा 15 अगस्त की रात करीब 10 बजे प्रेमघाट चौक पर ठियोग उत्सव देखने गए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों अपनी गाड़ी पार्क कर बाहर आए ही थे कि तीन-चार युवकों ने उनके हाथ से चाबी छीन ली और उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर ठियोग बाईपास ले गए। शिकायत में कहा गया है कि वहां पहले से ही करीब 40-50 युवक मौजूद थे। फोन छीने, 5-5 हजार की फिरौती मांगी: शिकायतकर्ता पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वहां उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उनके फोन भी छीन लिए गए और दोनों से 5-5 हजार रुपए की फिरौती मांगी गई। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पिस्तौल, गंडासा और डंडे दिखाने का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मारपीट के बाद दोनों युवकों को शिमला से मलयाणा ले जाया गया। वहां कुछ युवकों ने कथित तौर पर पिस्तौल, गंडासा (हथियार) और डंडे दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इनके खिलाफ शिकायत शिकायत में आशू कांगड़ियां, रितिक शर्मा, और वंश शर्मा के नाम बताए गए हैं। इसके अलावा अमन, कुनाल, किंकुश और झालटा समेत कुछ अन्य युवकों का भी जिक्र शिकायत में किया गया है। FIR के विवरण में आरोपियों की सूची में एक आरोपी को अज्ञात के तौर पर दर्ज किया गया है। इन धाराओं में केस दर्ज ठियोग पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 115(2), 126(2), 140(3), 191(2), 190 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। BNS की धारा 115(2) स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, 126(2) गलत तरीके से रोकने, 140(3) किसी व्यक्ति को गुप्त और गलत तरीके से बंधक बनाने के इरादे से अपहरण/ले जाने, 191(2) दंगा और 351(2) आपराधिक धमकी से संबंधित है। पुलिस को 16 अगस्त को मिली सूचना FIR के अनुसार घटना 15 अगस्त की रात करीब 10 बजे से 16 अगस्त की मध्यरात्रि तक की है। पुलिस को इसकी सूचना 16 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे मिली और शाम 3:15 बजे FIR दर्ज की गई। मामले की जांच हेड कांस्टेबल अनिल कुमार को सौंपी गई है। 16 अगस्त की रात फिर लड़ाई इसी मामले में 16 अगस्त की रात को ठियोग में फिर से दोनों गुटों में लड़ाई हुई। 16 अगस्त की रात में किडनेप करने वाले युवकों की पिटाई की गई और गाड़ी तोड़फोड़ की गई। इसमें दो से तीन लड़के भी घायल हुए है। तीन आरोपी गिरफ्तार: DSP डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ ने बताया कि कुफरी में तोड़फोड़ और हथियार रखने के मामले में तीन लोग गिरफ्तार किए जा चुके है। जिन तीन आरोपियों को पकड़ा गया है, वह भी किडनेपिंग केस में भी शामिल है। किसी को भी कानून हाथ में लेने की छुट नहीं: SP एसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस मामले में जांच में जुटी हुई है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की छूट नहीं मिलेगी। किडनेपर पर एक और एफआईआर वहीं ठियोग पुलिस स्टेशन में 16 अगस्त किडनेपिंग करने वाले कुछ लोगों के खिलाफ एक और एफआईआर है, जिसमे इन पर कुफरी के गलू में दो गाड़ियां तोड़ने और हथियारों के साथ धमकाने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने विक्रान्त शर्मा (27), वंश शर्मा (21) और किंशुक शर्मा (24) को जरूर गिरफ्तार किया है। मगर किडनेपिंग केस में पुलिस के हाथ चार दिन बाद भी खाली है।
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ठियोग में दो युवक किडनैप; ₹5-5 हजार फिरौती मांगी:पुलिस 4 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं कर सकी, कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में रोष
