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₹13 लाख की कथित रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार पंजाब विजिलेंस के इंस्पेक्टर ओपी राणा को कोर्ट से राहत नहीं मिली। बुधवार को चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में ओपी राणा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने ओपी राणा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले ओपी राणा की ओर से गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की गई थी। अदालत ने इस पर सीबीआई से जवाब मांगा था। सीबीआई ने जवाब दाखिल करते हुए जमानत का विरोध किया और कहा कि अगर आरोपी को अग्रिम जमानत मिलती है तो इससे मामले की जांच और केस पर असर पड़ सकता है। सीबीआई ने जमानत का किया विरोध सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अदालत में दलील दी गई कि मामले की जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है। ऐसे में आरोपी को राहत मिलने से जांच प्रभावित होने की आशंका है। सीबीआई ने अग्रिम जमानत देने का विरोध करते हुए अदालत से याचिका खारिज करने की मांग की। वहीं, ओपी राणा के वकील ने अदालत के सामने अग्रिम जमानत देने के पक्ष में अपनी दलीलें रखीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। 13 लाख रुपए-महंगा मोबाइल लेते पकड़े यह मामला सीबीआई की ओर से चंडीगढ़ और मोहाली में चलाए गए ट्रैप ऑपरेशन से जुड़ा है। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए कथित बिचौलियों अंकित वधवा, राघव गोयल और विकास गोयल को शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपए नकद और एक महंगा मोबाइल फोन लेते हुए गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के बाद सीबीआई ने आरोपियों से पूछताछ की। जांच के दौरान इंस्पेक्टर ओपी राणा का नाम भी सामने आया। सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और शुरुआती जांच में ओपी राणा की कथित भूमिका सामने आई। जांच एजेंसी का आरोप है कि रिश्वत की मांग और पूरी साजिश में उसकी भूमिका के संकेत मिले हैं। इसके बाद से ओपी राणा फरार चल रहा है और सीबीआई उसकी तलाश कर रही है। पहले हाईकोर्ट से याचिका वापस ली थी इससे पहले गिरफ्तारी से बचने के लिए ओपी राणा की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान राहत मिलने की संभावना कम होने पर उसके वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका वापस लिए जाने के आधार पर उसे खारिज कर दिया था। गैर-जमानती वारंट भी जारी सीबीआई की कार्रवाई के बाद अदालत की ओर से ओपी राणा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किए जा चुके हैं। अब जिला अदालत से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद उसकी गिरफ्तारी पर सीबीआई का शिकंजा और कस गया है। सीबीआई अब आरोपी की तलाश कर रही है। वहीं, मामले में गिरफ्तार किए गए तीन कथित बिचौलियों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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13 लाख रिश्वत केस में ओपी राणा को राहत नहीं:चंडीगढ़ CBI कोर्ट ने पंजाब विजिलेंस इंस्पेक्टर की जमानत रद्द की, केस पर पड़ सकता असर
