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डडूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से कचरा हटा:NGT में दावा-45 एकड़ साइट का पूरा लीगेसी वेस्टसे साफ; 250 KLD लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट अभी लगने बाकी




डडूमाजरा के 45 एकड़ में फैले डंपिंग ग्राउंड से पुराना कचरा (लीगेसी वेस्ट) पूरी तरह साफ करने का दावा नगर निगम ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में किया है। निगम ने बताया कि पूरे लीगेसी वेस्ट का बायोरिमेडिएशन कर साइट को लेवल कर दिया गया है। हालांकि, NGT में दाखिल हलफनामे से साफ है कि प्रदूषण रोकने और निगरानी के लिए जरूरी कुछ अहम इंतजाम अभी पूरे नहीं हुए हैं। इनमें प्रस्तावित 250 KLD क्षमता का लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट और प्लांट के इनलेट पर फ्लो मीटर लगाना शामिल है। रेमेडिएशन की स्थिति बताने को कहा यह हलफनामा डडूमाजरा में प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर चल रहे मामले में दाखिल किया गया है। NGT ने नगर निगम को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से बताई गई कमियों पर जवाब देने और डंपिंग साइट पर चल रहे रेमेडिएशन की स्थिति बताने को कहा था। लीचेट को पटियाला की राव चो में जाने से रोकने के लिए RCC ड्रेनेज नेटवर्क तैयार नगर निगम के अनुसार लीगेसी वेस्ट पूरी तरह बायोरिमेडिएशन से हटाया जा चुका है और साइट को समतल कर दिया गया है। इससे पहले डंपिंग ग्राउंड के अलग-अलग हिस्सों में लीचेट जमा होने की समस्या सामने आती रही थी। निगम ने बताया कि लीचेट और बारिश के पानी को आसपास के क्षेत्रों, खासकर पटियाला की राव चो में जाने से रोकने के लिए RCC ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया गया है। 250 KLD क्षमता वाले लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण निगम के मुताबिक प्रस्तावित 250 KLD क्षमता वाले लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण मानसून के बाद शुरू किया जाएगा। फिलहाल साइट पर 100 KLD क्षमता का लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट दो शिफ्टों में चल रहा है। इसके अलावा डंपिंग ग्राउंड में रोजाना 300 टन क्षमता वाली कंपोस्टिंग सुविधा भी चालू है। ट्रीटमेंट प्लांट के इनलेट पर लीचेट के प्रवाह की निगरानी के लिए फ्लो मीटर लगाने को जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं, लेकिन इन्हें अभी इंस्टॉल नहीं किया गया है। इन मीटरों से लीचेट के प्रवाह की सही मात्रा की निगरानी और नियंत्रण किया जाना है। CCTV मॉनिटरिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम जारी रखने की जरूरत नगर निगम ने NGT में कहा है कि लीगेसी वेस्ट हटाए जाने से लीचेट बनने का प्रमुख स्रोत खत्म हो गया है। ऐसे में CPCB की ओर से पहले लीचेट की मात्रा मापने, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और मीथेन डिटेक्शन को लेकर की गई कुछ टिप्पणियां अब पहले जैसी लागू नहीं होतीं। हालांकि, हलफनामे में साइट पर लगातार निगरानी, CCTV मॉनिटरिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम जारी रखने की जरूरत भी बताई गई है। डंपिंग ग्राउंड के आसपास पौधरोपण निगम ने बताया कि पहले भारी बारिश के दौरान ड्रेन ब्लॉक होने और लीचेट ओवरफ्लो की घटनाओं के बाद सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। डडूमाजरा की ओर जाने वाली RCC ड्रेन को चालू कर दिया गया है। डंपिंग ग्राउंड के आसपास पौधरोपण भी किया जा रहा है, ताकि दुर्गंध को रोकने के लिए बफर तैयार हो सके। डडूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से पुराने कचरे की सफाई को निगम ने बड़ी उपलब्धि बताया है, लेकिन NGT में दिए हलफनामे से यह भी सामने आया है कि प्रदूषण के जोखिम को लंबे समय तक नियंत्रित रखने के लिए जरूरी ट्रीटमेंट और मॉनिटरिंग सिस्टम अभी पूरी तरह चालू नहीं हुए हैं।



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