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केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) में अपनी हिस्सेदारी घटाने जा रही है। ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए पहले चरण में 3% हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मांग अधिक रहने पर ग्रीन शू ऑप्शन के तहत 3% अतिरिक्त हिस्सेदारी बेची जा सकती है। इस तरह सरकार कुल 6% तक हिस्सेदारी बेच सकती है। सरकार ने ओएफएस के लिए ₹514 प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय किया है। 6% हिस्सेदारी इस कीमत के आसपास बिकने पर केंद्र सरकार को ₹3,000 करोड़ मिलने की उम्मीद है। कुल ऑफर का 10% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। पात्र कर्मचारियों के लिए 25 हजार अतिरिक्त शेयर रखे गए हैं। ओएफएस शुरू होने के बाद मंगलवार को एचसीएल के शेयर पर दबाव रहा और कारोबार के दौरान यह 7% तक गिर गया। बाजार भाव की तुलना में कम फ्लोर प्राइस को प्रमुख वजह माना जा रहा है। 31 मार्च 2026 तक केंद्र के पास एचसीएल की 66.14% हिस्सेदारी थी। सरकार यदि 6% हिस्सेदारी बेचती है तो उसका हिस्सा 60.14% रह जाएगा। यानी बिक्री के बाद भी कंपनी पर सरकार का नियंत्रण बना रहेगा। मजबूत प्रदर्शन के बीच केंद्र बेच रहा हिस्सेदारी हिस्सेदारी बिक्री ऐसे समय हो रही है जब एचसीएल का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत है। जून 2026 में समाप्त पहली तिमाही में कंपनी का कर पूर्व लाभ ₹471.77 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही से 163% अधिक है। शुद्ध लाभ ₹352.61 करोड़ व परिचालन से राजस्व ₹936.50 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 81% अधिक है। कंपनी ने 2030 तक अयस्क उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 12.2 मिलियन टन सालाना करने का लक्ष्य रखा है।
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हिंदुस्तान कॉपर में 6 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:केंद्र को विनिवेश से 3,000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद
