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हिसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बगावत हो गई है। हिसार के 13 में से 11 मंडल अध्यक्षों ने सामूहिक रूप से अपने इस्तीफे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता को भेज दिए हैं। इस्तीफों में जिला अध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन पर लगातार अनदेखी के आरोप भी लगाए हैं। इस्तीफे की प्रतियां प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया और कृष्ण बेदी को भी भेजी गई हैं। इसमें सभी 11 मंडल अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर अपने पद छोड़ने की इच्छा जताई है। इनमें उकलाना मंडल से विनोद, बनभौरी मंडल से मनबीर सरपंच, अग्रोहा मंडल से मोहन लाल नंगथला, पाबड़ा मंडल की मीना शर्मा, आदमपुर में चंद्रप्रकाश, बालसमंद मंडल से रमेश बेनीवाल, काजला मंडल से राजेंद्र सोनी, आर्यनगर मंडल से भूप सिंह खीचड़, आजाद नगर से सुमन कस्वां और स्याहड़वा से बलजीत फोगाट शामिल है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले ही भाजपा जिला महामंत्री कृष्ण सरसाना की ओर की गई 3 मंडलाध्यक्षों की नई नियुक्ति के बाद से यह विवाद शुरू हुआ। इस्तीफा देने वाले मंडल अध्यक्षों का आरोप है कि पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के बावजूद उन्हें संगठन में सम्मान और महत्व नहीं दिया जा रहा, जिससे वे आहत हैं। उधर, देर रात हिसार विधानसभा के सोशल मीडिया सह संयोजक भानु सिंघल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ को भेजे अपने इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया है। तीन मंडल अध्यक्षों की नई नियुक्तियों के बाद बढ़ा विवाद पार्टी सूत्रों के अनुसार, 2 अगस्त को भाजपा जिला महामंत्री कृष्ण सरसाना की ओर से जारी एक पत्र में उकलाना, अग्रोहा और श्याहड़वा मंडलों में नए मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। जबकि इन तीनों मंडलों के पूर्व अध्यक्षों का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ था। इस निर्णय को लेकर संगठन के भीतर असंतोष बढ़ गया और अन्य मंडल अध्यक्षों में भी नाराजगी फैल गई। मंडल अध्यक्षों ने इस विषय को पहले भी पार्टी नेतृत्व के समक्ष उठाया था, लेकिन समाधान नहीं होने पर उन्होंने सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया। इस संबंध में जब भाजपा जिला महामंत्री कृष्ण सरसाना से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मंडल अध्यक्षों के सामूहिक इस्तीफे की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। उधर, इन मंडल अध्यक्षों को कल प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने मिलने के लिए बुलाया है। इन संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद विवाद बढ़ा… मंडल अध्यक्षों के इस्तीफ में ये तीन बातें लिखीं…. प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के नाम लिखे इस्तीफे की कॉपी.. पहले भी रणजीत चौटाला से विवाद के बाद गई थी कुर्सी 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान जिलाध्यक्ष रहीं आशा खेदड़ का रणजीत चौटाला के साथ विवाद हो चुका है। इस विवाद के चलते कार्यकाल पूरा करने से 8 महीने पहले ही उनको हटा दिया गया था। रणजीत चौटाला हिसार से BJP के प्रत्याशी थे। रणजीत चौटाला हिसार से लोकसभा चुनाव हार गए थे। इसकी इंटरनल रिपोर्ट BJP हाईकमान को सौंपी थी। इस रिपोर्ट में रणजीत चौटाला ने BJP जिलाध्यक्ष पर बड़े नेताओं के लिए काम करने का आरोप लगाया था। रणजीत चौटाला ने आरोप लगाए थे कि आशा खेदड़ ने पूरे चुनाव में हिसार के सभी 22 मंडलों का दौरा नहीं किया है। लोकसभा चुनाव में भी वे अपने निर्वाचन क्षेत्र उकलाना में निष्क्रिय रहीं। उकलाना विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी रणजीत चौटाला बुरी तरह पिछड़ गए थे। ———————————– ये खबर भी पढ़ें…. निगम चुनाव में बगावत करने वाले बीजेपी नेताओं पर एक्शन:8 पदाधिकारी 6 साल के लिए निष्कासित; पार्टी कैंडिडेट्स के खिलाफ चुनाव लड़ने पर कार्रवाई सोनीपत नगर निगम चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे के बाद बीजेपी पार्टी के खिलाफ बगावत करने वाले और चुनाव लड़ने वाले 8 पदाधिकारियों को पार्टी से निकाल दिया गया है और 6 साल के लिए निष्कासित किया है। पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने और कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने वाले पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर अब सख्त कार्रवाई की गई है। (पूरी खबर पढ़ें)
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हिसार BJP में बगावत, 11 मंडलाध्यक्षों के एक साथ इस्तीफे:लेडी जिलाध्यक्ष की कार्यशैली पर उठाए सवाल, बोले-साइड लाइन किया; 3 नई नियुक्तियों पर कंट्रोवर्सी
