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पंजाब सरकार द्वारा किसानों की लंबित मांगों पर ध्यान न देने से आक्रोशित ‘किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब’ (जोन बाबा राम थम्मन) ने सरकार के खिलाफ अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। हरचोवाल में आयोजित एक आपातकालीन बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विभिन्न कृषि समस्याओं, बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे और गन्ना किसानों के बकाए को लेकर 3 अगस्त को जिलाधीश (DC) कार्यालय गुरदासपुर का घेराव कर उग्र रोष प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए कमेटी के शीर्ष नेताओं ने राज्य सरकार की ढिलाई पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा किपिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ से किसानों को हुए भारी नुकसान का मुआवजा सरकार ने अभी तक जारी नहीं किया है। दरिया के किनारों पर टूटे बांधों की मरम्मत का काम भी महज कागजों तक सीमित रहा। स्थिति यह है कि इस बार कम बारिश के बावजूद कई जगहों से बांध टूटने से पानी खेतों और गांवों में घुस गया है, जिससे किसान एक बार फिर बर्बादी के कगार पर खड़े हैं। 91 करोड़ से अधिक का गन्ना बकाया अटका बैठक के दौरान जिला अध्यक्ष हरभजन सिंह ने एक बड़ा आंकड़ा सार्वजनिक करते हुए बताया कि पंजाब की शुगर मिलों की तरफ गन्ना उत्पादक किसानों का लगभग 91 करोड़ 60 लाख रुपये का बकाया अटका पड़ा है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद इस राशि को जारी नहीं किया जा रहा, जिससे किसानों में गहरा रोष है। ‘समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा और तेज’ कमेटी नेताओं ने स्पष्ट किया कि 3 अगस्त का DC दफ्तर का घेराव सरकार के लिए एक चेतावनी है। यदि समय रहते बाढ़ मुआवजे की अदायगी, बांधों की पुख्ता मरम्मत और गन्ने का पूरा बकाया तुरंत जारी नहीं किया गया, तो इस संघर्ष को पूरे पंजाब स्तर पर और अधिक तेज किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक में प्रादेशिक उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह मसानिया, जोन अध्यक्ष सूबेदार रछपाल सिंह भरत, राजविंदर सिंह राजा, इकाई अध्यक्ष जगतार सिंह खालसा, सुखविंदर सिंह, जत्थेदार बख्शीश सिंह, निशान सिंह, जत्थेदार रतन सिंह, बलराज सिंह, त्रिलोक सिंह, सुखदेव सिंह फौजी, संतोख सिंह रियाड़, सुचा सिंह, हरपाल सिंह, सरबजीत सिंह और रणजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान व स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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गुरदासपुर डीसी कार्यालय का घेराव करेंगे किसान:बाढ़ मुआवजे, गन्ना बकाया को लेकर रोष, 3 अगस्त को प्रदर्शन की घोषणा
