आगामी नगर परिषद चुनाव झुंझुनूं में दो चरणों में होंगे। चुनावी आंकड़ों के अनुसार यह वास्तव में 60 अलग-अलग रणनीति वाला चुनाव हैं।
.
हर वार्ड का वोट बैंक, मतदाताओं की संख्या, मतदान पार्ट (बूथ), महिला-पुरुष मतदाताओं का अनुपात और चुनावी रणनीति एक-दूसरे से पूरी तरह अलग है। राजनीतिक दल सभी वार्डों में एक जैसी रणनीति अपनाकर चुनाव नहीं जीत सकता।
नगर परिषद के 60 वार्डों में कुल 92,601 मतदाता हैं। इनमें 48,043 पुरुष, 44,555 महिला और 3 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए कुल 94 पार्ट (मतदान केंद्र) बनाए गए हैं।
हर वार्ड का चुनावी आकार अलग
आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ा वोट बैंक वार्ड संख्या 7 में है। यहां 3,505 मतदाता हैं। मतदान के लिए 3 पार्ट (3 बूथ) बनाए गए हैं। इसके विपरीत वार्ड संख्या 24 सबसे छोटा वार्ड है। जहां केवल 703 मतदाता हैं। यानी सबसे बड़े और सबसे छोटे वार्ड के बीच 2,802 मतदाताओं का अंतर है।
इसी तरह वार्ड 33 में 2,590, वार्ड 35 में 2,239, वार्ड 48 में 2,200, वार्ड 30 में 2,196 और वार्ड 59 में 2,176 मतदाता हैं। इन वार्डों में जीत के लिए बड़े स्तर पर जनसंपर्क और मजबूत संगठन की जरूरत होगी।

झुंझुनू नगर परिषद के सभी 60 वार्डो का चुनावी अनुपात अलग-अलग है
छोटे वार्डों का चुनाव बिल्कुल अलग
दूसरी ओर वार्ड 24 (703), वार्ड 5 (872), वार्ड 18 (893), वार्ड 55 (905), वार्ड 11 (910), वार्ड 39 (916), वार्ड 6 (926) जैसे वार्डों में मतदाता संख्या काफी कम है। यहां उम्मीदवारों का व्यक्तिगत संपर्क, परिवारों तक पहुंच और स्थानीय मुद्दे चुनाव का रुख तय कर सकते हैं।
हर वार्ड में रणनीति अलग-अलग
डेटा के अनुसार, जिन वार्डों में दो हजार से अधिक मतदाता हैं। वहां चुनाव प्रचार का दायरा बड़ा होगा। वहीं छोटे वार्डों में घर-घर संपर्क अधिक प्रभावी साबित हो सकता है। इसी कारण राजनीतिक दलों को हर वार्ड के अनुसार अलग रणनीति बनानी पड़ेगी।
महिला मतदाता भी बदल सकती हैं चुनावी समीकरण
नगर परिषद में महिला मतदाताओं की संख्या 44,555 है। जो कुल मतदाताओं का लगभग 48 प्रतिशत है। खास बात यह है कि वार्ड 6, 13, 14, 21 और 34 में महिला मतदाता पुरुषों से अधिक हैं। ऐसे वार्डों में महिलाओं से जुड़े मुद्दे और उनके लिए किए गए वादे चुनाव परिणामों पर असर डाल सकते हैं।
