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पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस पर रेवड़ी तालाब से उठे जुलूस इस बार केवल 150 गाड़ियों को प्रशासन ने परमिशन दी है। उसके बावजूद कई गाड़ियों के फर्जी तरीके से जुलूस में शामिल होने की सूचना पर एसीपी भेलूपुर के नेतृत्व में होटल ब्रॉडवे के पास चेकिंग शुरू की गयी। इस चेकिंग में कई गाड़ियां ऐसी मिली जिनका नाम लिस्ट में नहीं था फिर भी वो जुलूस में लगाईं गई थीं। इन सभी गाड़ियों को रोक लिया गया। चेकिंग लगातार जारी है। सिर्फ 150 गाड़ियों को अनुमति ACP गौरव कुमार ने बताया – बारावफात के रेवड़ी तालाब से उठने वाले जुलूस में इस वर्ष सिर्फ 150 गाड़ियों को ही अनुमति दी गयी है। उन्हें एक विशेष पास भी दिया गया है। ऐसे में ज्यादा गाड़ियों के जुलूस में शामिल होने की सूचना पर होटल ब्रॉडवे के पास चेकिंग की गई। जिसमें कई गाड़ियां ऐसी मिलीं जिनकी अनुमति नहीं थी। उन्हें लिस्ट से मिलाया गया तो उसमें उनका नंबर नहीं था। ऐसे में उन गाड़ियों को रोक दिया गया और उनपर से लोगों को उतारकर उन्हें पैदल जाने को कहा गया।
ब्रॉड वे होटल पर हो रही चेकिंग होटल ब्रॉडवे से होकर जुलूस आगे बढ़ रहा है। ऐसे में पुलिस कर्मी यहीं गाड़ियों की लिस्ट लेकर खड़े हैं और उन्हें चेक कर आगे जाने दे रहे हैं। जिन गाड़ियों का नंबर लिस्ट में नहीं है। उन्हें वही रोक दिया जा रहा है और उनपर बैठे लोगों को वहां से पैदल जाने दिया जा रहा है। 1500 से अधिक गाड़ियों से निकलता था जुलूस रेवड़ी तालाब से उठने वाला मदहे सहाबा का जुलूस वाराणसी का सबसे बड़ा जुलूस है। इस जुलूस में हर वर्ष 1500 से अधिक चार पहिया वाहन लगाए जाते थे। जिनपर बैठकर बच्चे इस्लामिक झंडों को नातिया कलाम के साथ लेकर बेनियाबाग पहुंचते थे और पैगंबर साहब की पैदाइश का जश्न मनाते थे। यह जुलूस श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के सामने से निकलता है और सावन माह होने की वजह से श्रद्धालुओं की भीड़ भी धाम में ज्यादा है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसलिए गाड़ियों की परमिशन कम की गयी है।
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