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बलौदा बाजार जिले के मुडियाडीह गांव में बाढ़ के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। महानदी में उफान के बाद गांव तक पहुंचने वाली एकमात्र पक्की सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मुडियाडीह गांव ब्लॉक मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर महानदी के किनारे बसा है। लगातार बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने से धमनी से मुडियाडीह तक करीब 3 किलोमीटर की सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है।
धमनी से मुडियाडीह तक 3 किमी सड़क डूबी ग्रामीणों के मुताबिक, हर साल बाढ़ के दौरान सड़क पर दो से तीन दिन तक नाव चलाने की स्थिति बनती है। सड़क डूबने से गांव का सीधा संपर्क प्रभावित हो जाता है। करीब 1 हजार की आबादी, नाव से हो रही आवाजाही गांव की आबादी करीब एक हजार है। सड़क के डूब जाने से जरूरी काम के लिए बाहर जाने वाले ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे रोजमर्रा की आवाजाही मुश्किल हो गई है। स्कूल मिडिल तक, बाढ़ से पढ़ाई भी प्रभावित ग्राम पंचायत की सरपंच अनीता लिंकन गोयल ने बताया कि गांव में मिडिल तक ही स्कूल है। इसके बाद बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है। सरपंच के मुताबिक, बाढ़ के कारण स्कूल-कॉलेज बंद हो गए हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बाढ़ के कारण सड़क और संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने से मुडियाडीह के ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियां बढ़ गई हैं।
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मुडियाडीह गांव बाढ़ में घिरा, सड़क पर नाव से आवाजाही:गांव पहुंचने का इकलौता रास्ता बंद,महानदी किनारे की 3 किमी सड़क पूरी तरह जलमग्न
