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बालाघाट के छोटी कुम्हारी गांव में 22 साल बाद सेना से लौटे नायक ललित बिसाने का शनिवार देर रात जोरदार स्वागत किया गया। सेवानिवृत्त होकर लौटे ललित बिसाने के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने फूलमालाओं, आतिशबाजी और देशभक्ति नारों के साथ सम्मान किया। कार्यक्रम में गांव में स्वागत यात्रा निकाली गई, जिसमें ग्रामीण और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। ललित बिसाने सेना में 22 साल सेवा देने के बाद नायक के पद से सिकंदराबाद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वे 2004 में सेना में भर्ती हुए थे, उनकी पहली पदस्थापना सिकंदराबाद में आर्मी ईएमई मैकेनिकल इंजिनीयर के पद पर हुई थी। इसके बाद उन्होंने 10 अलग-अलग स्थानों पर सेवाएं दीं। गांव से सेना में जाने वाले पहले युवक परिजनों के अनुसार, ललित गांव से सेना में जाकर देश सेवा करने वाले पहले युवाओं में थे। उनके पिता चोवालाल बिसाने किसान हैं, जबकि उनके भाई जीतलाल बिसाने और चमन बिसाने ने भी उन्हें सेना में जाने के लिए प्रोत्साहित किया। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद ललित के गांव लौटने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए पहुंचे। बोले- वर्दी नहीं, लेकिन देश सेवा का जज्बा बरकरार ललित बिसाने ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद अब वर्दी नहीं होगी, लेकिन देश सेवा का जज्बा बरकरार रहेगा। वे गांव के युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने कहा कि सेना में रहकर देश की सेवा की, अब गांव की सेवा करने का प्रयास करेंगे।
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22 साल बाद लौटे सेनानायक, गांव में स्वागत:नायक बोले- पहले देशसेवा की, अब गांव की सेवा; यात्रा निकाली, आतिशबाजी-फूलमालाओं से सम्मानित किया
