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12 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा
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“तुम्हारा खून बहुत मीठा है, इसलिए तुम्हें मच्छर ज्यादा काटते हैं।”
यह बात आपने कई बार सुनी होगी। शायद गौर भी किया हो कि एक ही जगह पर मौजूद लोगों में से कुछ लोग ही मच्छरों के निशाने पर ज्यादा रहते हैं। इसे लेकर कई मिथ प्रचलित हैं, जिनमें ‘मीठा खून होना’ सबसे कॉमन है।
अमेरिका की ‘रॉकफेलर यूनिवर्सिटी’ के जर्नल ‘Cell’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, कुछ लोग स्वाभाविक रूप से मच्छरों को ज्यादा आकर्षित करते हैं। इसके पीछे बॉडी ओडर (शरीर की नेचुरल स्मेल) समेत कई बायोलॉजिकल फैक्टर्स हैं।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में मच्छरों के काटने पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- इसके पीछे का साइंस क्या है?
- कौन-से रंग मच्छर को ज्यादा आकर्षित करते हैं?
एक्सपर्ट- डॉ. अजय नायर, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर
सवाल- क्या कुछ लोगों को सचमुच मच्छर ज्यादा काटते हैं या ये सिर्फ भ्रम है?
जवाब- यह सिर्फ भ्रम नहीं, बल्कि हकीकत है। मच्छर कुछ लोगों को दूसरों की तुलना में ज्यादा काटते हैं।
सवाल- कुछ लोगों को मच्छर ज्यादा क्यों काटते हैं?
जवाब- हर व्यक्ति का बॉडी ओडर (शरीर की नेचुरल स्मेल), सांस के साथ बाहर निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड और शरीर का तापमान अलग होता है। इनकी वजह से मच्छर कुछ लोगों को ज्यादा काटते हैं।

सवाल- क्या इस पर कोई रिसर्च या स्टडी हुई है?
जवाब- हां, इस विषय पर कई साइंटिफिक रिसर्च हुई हैं। इनमें सबसे चर्चित रिसर्च अमेरिका की ‘रॉकफेलर यूनिवर्सिटी’ की है। यह रिसर्च अक्टूबर 2022 में साइंस जर्नल ‘Cell’ में हुई। इसमें वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की है कि आखिर मच्छर कुछ लोगों ज्यादा क्यों काटते हैं।
स्टडी कैसे हुई?
- रिसर्चर्स ने 64 स्वस्थ लोगों के स्किन ओडर के सैंपल लिए।
- इसके लिए वॉलंटियर्स को नायलॉन की स्लीव्स पहनाई गईं, ताकि उन पर बॉडी ओडर जमा हो सके।
- बाद में इन सैंपल्स को मच्छरों के सामने रखा गया और देखा गया कि मच्छर किस स्मेल की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।
कितने लोग शामिल हुए?
- स्टडी में 64 स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया।
- इनमें से मच्छरों को सबसे ज्यादा और सबसे कम आकर्षित करने वाले 8 लोगों को आगे की जांच के लिए चुना गया।
- इन 8 लोगों के सैंपल्स की कई बार तुलना की गई, ताकि यह पता चल सके कि मच्छरों की पसंद समय के साथ बदलती है या नहीं।
स्टडी में क्या पता चला?
- कुछ लोगों की ओर मच्छर लगातार दूसरों की तुलना में ज्यादा आकर्षित हुए।
- जिन लोगों की स्किन पर कार्बोक्सिलिक एसिड जैसे केमिकल कंपाउंड ज्यादा थे, उन्हें मच्छरों ने सबसे ज्यादा चुना।
- यह आकर्षण कई महीनों तक लगभग एक जैसा बना रहा। यानी कुछ लोग लगातार मच्छरों के लिए ज्यादा आकर्षक बने रहे।
सवाल- स्किन माइक्रोबायोम क्या होता है? मच्छर के काटने में इसकी क्या भूमिका है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- स्किन माइक्रोबायोम स्किन पर रहने वाले लाखों अच्छे बैक्टीरिया और दूसरे जर्म्स का ग्रुप है।
- ये बैक्टीरिया पसीने और स्किन के नेचुरल ऑयल (सीबम) को तोड़कर कई तरह के केमिकल कंपाउंड बनाते हैं।
- इन केमिकल कंपाउंड की वजह से हर व्यक्ति के शरीर की ओडर अलग होती है।
- जिन लोगों की स्किन पर कार्बोक्सिलिक एसिड जैसे केमिकल कंपाउंड ज्यादा बनते हैं, उनकी ओर मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं।
सवाल- किन लोगों को मच्छर ज्यादा काटते हैं?
जवाब- मच्छर किन्हें ज्यादा काटते हैं, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या हमारे ब्लड ग्रुप से मच्छरों के काटने का कोई संबंध है?
जवाब- कुछ रिसर्च में ब्लड ग्रुप और मच्छरों के आकर्षण के बीच संबंध देखा गया है। ‘अमेरिकन जर्नल ऑफ एंटेमोलॉजी’ में पब्लिश एक स्टडी में मच्छरों को अलग-अलग ब्लड ग्रुप के सैंपल दिए गए।
इसमें मच्छरों ने ब्लड ग्रुप ‘O’ के सैंपल को दूसरे ब्लड ग्रुप की तुलना में ज्यादा पसंद किया। हालांकि रिसर्चर्स का कहना है कि असल जिंदगी में मच्छर किसे ज्यादा काटेंगे, यह सिर्फ ब्लड ग्रुप पर निर्भर नहीं करता। बॉडी ओडर, पसीना, शरीर का तापमान और दूसरे बायोलॉजिकल फैक्टर भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
सवाल- क्या हमारे कपड़ों के रंग से भी मच्छर आकर्षित होते हैं?
जवाब- हां, मच्छर कुछ रंगों की ओर भी ज्यादा आकर्षित होते हैं। ‘नेचर’ जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गहरे रंग के कपड़े ज्यादा गर्मी सोखते हैं। इसलिए मच्छर उन्हें ज्यादा आसानी से पहचान लेते हैं।
वहीं सफेद, हल्का हरा, हल्का नीला और बैंगनी जैसे हल्के रंग मच्छरों को गहरे रंग की तुलना में कम आकर्षित करते हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- मच्छर काटने से कौन-सी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है?
जवाब- हर मच्छर बीमारी नहीं फैलाता। अगर मच्छर वायरस या पैरासाइट से संक्रमित है, तो उसके काटने से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ग्राफिक में सभी रिस्क देखिए-

सवाल- अगर आपको मच्छर ज्यादा काटते हैं तो क्या करें?
जवाब- अगर आपको बार-बार मच्छर काटते हैं, तो सबसे जरूरी है कि उनसे बचाव के उपाय अपनाएं। ग्राफिक में बचाव के सभी टिप्स देखिए-

मच्छरों से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब
सवाल- क्या ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने वाले लोगों को मच्छर जल्दी ढूंढ लेते हैं?
जवाब- हां, मच्छर इंसानों का पता लगाने के लिए सबसे पहले सांस के साथ बाहर निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को पहचानते हैं। इसके जरिए वे दूर से ही इंसान की मौजूदगी का अंदाजा लगा लेते हैं।
सवाल- क्या बड़ों के मुकाबले बच्चों को मच्छर ज्यादा काटते हैं?
जवाब- नहीं, इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, बच्चों की स्किन पतली और ज्यादा सेंसिटिव होती है। इसलिए मच्छर के काटने के बाद रेडनेस, सूजन और खुजली उनके शरीर पर ज्यादा स्पष्ट दिखाई दे सकती है। इससे कई बार ऐसा लगता है कि बच्चों को ज्यादा मच्छर काटे हैं।
सवाल- क्या शराब पीने के बाद मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं?
जवाब- हां, शराब पीने के बाद मच्छरों के काटने का रिस्क बढ़ जाता है। माना जाता है कि शराब शरीर के तापमान और सांस लेने की प्रक्रिया में बदलाव लाती है। इससे मच्छर जल्दी आकर्षित होते हैं।
सवाल- क्या ज्यादा चीनी खाने से मच्छर ज्यादा काटते हैं?
जवाब- नहीं, अभी तक ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है।
सवाल- क्या तंबाकू खाने या सिगरेट पीने वाले लोगों को मच्छर कम काटते हैं?
जवाब- नहीं, यह धारणा सिर्फ एक मिथक है।
सवाल- क्या मच्छर डियोडरेंट या परफ्यूम से आकर्षित होते हैं?
जवाब- हां, कुछ मामलों में। फूलों जैसी तेज खुशबू वाले कुछ परफ्यूम मच्छरों को आकर्षित कर सकते हैं।
सवाल- क्या लहसुन खाने से मच्छर दूर रहते हैं?
जवाब- नहीं, लहसुन खाने से बॉडी ओडर इतनी नहीं बदलती कि मच्छर दूर रहें।
सवाल- क्या नींबू और लौंग लगाने से मच्छर भाग जाते हैं?
जवाब- नींबू और लौंग की खुशबू कुछ समय के लिए मच्छरों को कम आकर्षित कर सकती है, लेकिन इसका असर सीमित होता है।
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ग्राफिक्स- अजीत सिंह
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