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What is Leaky Gut? Gas Bloating Constipation Reasons


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14 मिनट पहले

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हमारी आंतें सिर्फ खाना पचाने का काम नहीं करतीं। ये खाने से जरूरी पोषक तत्वों को शरीर में पहुंचाती हैं और कई हानिकारक बैक्टीरिया व टॉक्सिन्स को ब्लड में जाने से रोकती भी हैं। इसके लिए आंतों की अंदरूनी परत एक फिल्टर की तरह काम करती है।

अगर यह प्रोटेक्टिव लेयर कमजोर पड़ जाए, तो कुछ टॉक्सिन्स आंतों के जरिए ब्लड में भी पहुंच सकते हैं। इस कंडीशन को ‘लीकी गट’ कहते हैं। सोशल मीडिया पर आजकल इसकी खूब चर्चा है। गैस, पेट फूलना, कब्ज, दस्त, फूड इंटॉलरेंस और थकान जैसे कई लक्षणों को इससे जोड़ दिया जाता है। लेकिन क्या हर ऐसे लक्षण का मतलब लीकी गट है? इसे समझना जरूरी है।

इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ‘ में लीकी गट की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • लीकी गट क्यों होता है?
  • इसका इलाज क्या है?
  • बचाव के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं?

एक्सपर्ट- डॉ. सुकृत सिंह सेठी, डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेप्टोलॉजी एंड लिवर ट्रांसप्लांटेशन, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम

सवाल- लीकी गट क्या होता है?

जवाब- इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए-

  • हमारी आंत की अंदरूनी दीवार एक बारीक छन्नी या मजबूत जाली की तरह काम करती है।
  • इसका काम है, खाने से मिले जरूरी पोषक तत्वों को शरीर में जाने देना और हानिकारक चीजों, बड़े कणों और कुछ बैक्टीरिया को अंदर जाने से रोकना।
  • जब इस आंत की दीवार की पकड़ ढीली पड़ जाती है, तो बहुत छोटे-छोटे गैप बन जाते हैं।
  • ऐसे में ऐसी चीजें भी आंत की दीवार से पार होकर शरीर के अंदर जा सकती हैं, जिन्हें सामान्य स्थिति में वहीं रुकना चाहिए।
  • इसी स्थिति को ‘लीकी गट’ कहते हैं।

उदाहरण से समझें-

कल्पना कीजिए कि घर की जालीदार खिड़की में छोटे-छोटे छेद हैं। इस जाली से हवा तो अंदर आ सकती है, लेकिन अगर छेद बड़े हो जाएं तो धूल-मिट्टी भी अंदर आने लगेगी। इसी तरह लीकी गट में आंत के बैरियर यानी प्रोटेक्टिव-लेयर की पकड़ कमजोर हो जाती है।

सवाल- शरीर की फंक्शनिंग में हमारी आंतों का क्या काम है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स में समझिए-

  • आंत सिर्फ खाना पचाने का काम नहीं करती। खाना पेट से आगे पहुंचने के बाद आंत में उसका पाचन और पोषक तत्वों का अवशोषण होता है।
  • प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन और मिनरल्स का बड़ा हिस्सा शरीर को यहीं से मिलता है।
  • आंत में रहने वाले अच्छे बैक्टीरिया यानी गट माइक्रोबायोम भी पाचन और शरीर के इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करते हैं।
  • आंत की अंदरूनी परत एक प्रोटेक्टिव लेयर की तरह काम करती है, जो ब्लड में पोषक तत्वों के अलावा किसी भी टॉक्सिन्स को नहीं जाने देती है।

आंत के 4 बड़े काम ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या लीकी गट कोई बीमारी है?

जवाब- लीकी गट को अपने आप में एक बीमारी मानना सही नहीं है। आसान भाषा में इसे आंत की दीवार की पारगम्यता बढ़ना कहा जा सकता है। यानी आंत की सुरक्षा-परत सामान्य से ज्यादा चीजों को पार जाने दे सकती है।

आंत की दीवार पूरी तरह बंद नहीं होती। उसमें बहुत बारीक रास्ते होते हैं, जिनसे जरूरी पोषक तत्व शरीर में पहुंचते हैं। समस्या तब होती है, जब यह बैरियर जरूरत से ज्यादा पारगम्य हो जाए।

सवाल- क्या लीकी गट होने पर अन्य बीमारियां हो सकती हैं?

जवाब- यह कहना सही नहीं होगा कि लीकी गट होने से सीधे कई दूसरी बीमारियां हो जाती हैं। कई मामलों में यह बीमारी का कारण होने की बजाय बीमारी का परिणाम भी हो सकता है। लीकी गट से जुड़ी सभी संभावित बीमारियां ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लीकी गट के लक्षण क्या हैं?

जवाब- लीकी गट सिंड्रोम के मुख्य लक्षणों में पाचन से जुड़ी समस्याएं, थकान और स्किन डिजीज शामिल हैं। डिटेल नीचे ग्राफिक में देखिए–

सवाल- क्या हर व्यक्ति में ऊपर दिए लक्षण दिखने का मतलब लीकी गट होता है?

जवाब- नहीं, गैस, पेट फूलना, कब्ज या दस्त जैसे लक्षण बहुत सामान्य हैं। इनके पीछे कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसेकि–

  • खानपान में बदलाव
  • संक्रमण
  • फूड इनटॉलरेंस
  • इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS)
  • तनाव
  • अन्य पाचन संबंधी समस्याएं

सवाल- लीकी गट क्यों होता है?

जवाब- इसका कोई एक कारण नहीं है। आंत का सुरक्षा बैरियर कई चीजों से प्रभावित हो सकता है। सभी कारण नीचे ग्राफिक में देखिए।

सवाल- नींद की कमी हमारी आंतों की सेहत को कैसे प्रभावित करती है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स में समझिए-

  • नींद कम होने से आंतों में गुड बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ता है।
  • इससे पाचन की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
  • नींद पूरी न होने से गैस, पेट फूलना और कब्ज की दिक्कत बढ़ जाती है।
  • इससे आंतों में सूजन का रिस्क बढ़ता है।
  • ये सारी चीजें मिलकर आंतों के सुरक्षा बैरियर को कमजोर करती हैं।
  • आंतें ठीक ढंग से काम करें, इसके लिए नींद पूरी होना बहुत जरूरी है।

सवाल- प्रोलॉन्ग्ड स्ट्रेस से आंतों का सुरक्षा बैरियर कैसे कमजोर होता है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स में समझिए-

  • लंबे समय तक तनाव रहने पर शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का लेवल बढ़ जाता है।
  • इससे आंतों की सामान्य काम करने की प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है।
  • आंतों की कोशिकाओं के बीच की मजबूत पकड़ ढीली पड़ती है और आंतों की सुरक्षा परत कमजोर होने लगती है।
  • लंबे समय तक ऐसा होने पर आंतों में सूजन बढ़ सकती है।
  • इसलिए अपने स्ट्रेस लेवल को कम रखना भी गट हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है।

सवाल- क्या ज्यादा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और शराब आंतों के सुरक्षा बैरियर को कमजोर करते हैं?

जवाब- हां, इसका शरीर पर ये प्रभाव पड़ता है-

  • डाइजेस्टिव सिस्टम पर प्रेशर बढ़ता है।
  • खाना ठीक से पचता नहीं है।
  • कब्ज और ब्लोटिंग की समस्या बढ़ती है।
  • गुड गट बैक्टीरिया कम हो जाते हैं।
  • शरीर में न्यूट्रिशन कम होने लगता है।
  • आंतों में इंफ्लेमेशन बढ़ता है।

ये सारी चीजें आंतों के सुरक्षा बैरियर को कमजोर करती हैं।

ठीक यही असर शराब पीने पर भी होता है। शराब की मामूली मात्रा भी बॉडी के लिए सेफ नहीं है।

सवाल- लीकी गट की जांच कैसे होती है?

जवाब- लीकी गट की जांच के लिए कोई एक कॉमन टेस्ट नहीं है। इसके लिए कई तरह के अलग-अलग टेस्ट किए जाते हैं, जैसेकि-

1. लैक्टुलोज-मैनिटोल टेस्ट: इसमें पेशेंट को दो प्रकार की शुगर (लैक्टुलोज और मैनिटोल) का घोल पिलाया जाता है। इसके बाद यूरिन के जरिए यह मापा जाता है कि शरीर ने उन्हें कितनी मात्रा में अवशोषित किया है।

2. जोनुलिन टेस्ट: इस टेस्ट में स्टूल या ब्लड सैंपल में ‘जोनुलिन’ नामक प्रोटीन का लेवल टेस्ट किया जाता है।

3. ब्लड टेस्ट: इसमें बैक्टीरिया या भोजन के प्रति एंटीबॉडी लेवल की जांच की जाती है।

4. स्टूल एनालिसिस: आंतों के माइक्रोबायोम, सूजन के मार्कर्स और बैक्टीरिया के असंतुलन का पता लगाने के लिए स्टूल की जांच की जाती है।

सवाल- लीकी गट का इलाज क्या है?

जवाब- इसका कोई एक तय इलाज या एक खास दवा नहीं है। लीकी गट में डॉक्टर लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह देते हैं, जैसेकि-

  • एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट लेना।
  • फाइबर रिच फूड लेना।
  • ग्लूटेन, डेयरी प्रोडक्ट्स से दूर रहना।
  • डाइट में प्रोबायोटिक शामिल करना।
  • रोज पर्याप्त नींद लेना।
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट करना।
  • फिजिकल एक्सरसाइज करना।
  • ज्यादा दवाएं न खाना।
  • कम-से-कम एंटीबायोटिक लेना।

सवाल- लीकी गट होने पर लाइफस्टाइल में क्या बुनियादी बदलाव करने चाहिए?

जवाब- इसके लिए डाइट में वो चीजें शामिल करने की जरूरत है, जो हमारी आंतों को स्वस्थ रखती हैं। जैसेकि खाने में पर्याप्त सब्जियां, फल, दालें और साबुत अनाज हो। इसके अलावा लाइफस्टाइल में कई और बदलाव करने चाहिए। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- खान-पान की किन आदतों पर ध्यान देना चाहिए?

जवाब- लीकी गट होने पर खाने में फाइबर की ज्यादा मात्रा और वेरायटी सबसे जरूरी है। फाइबर आंत के अच्छे बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है। नीचे ग्राफिक में डिटेल देखिए-

कुल मिलाकर, लीकी गट आंतों से जुड़ी एक समस्या है, जिसमें आंतों की अंदरूनी परत कमजोर हो जाती है। अगर इसके लक्षण लगातार बने रहें तो सही जांच और इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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ग्राफिक्स- विपुल शर्मा

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