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'बेटा जिंदा है या नहीं…5 महीने से आवाज नहीं सुनी':मां बोली- प्लीज एक बार बात करा दो, शिपिंग कंपनी में करता काम था; चाइना के डिटेंशन सेंटर में बंद है




‘मैंने अपने बेटी की 5 महीने से आवाज नहीं सुनी। कोई मेरी एक बार उससे बात करा दे। पता नहीं वो जिंदा या नहीं। आखिरी बात फोन पर जब हुई थी तब उसने कहा था चीन के शंघाई के जियांग्सू पोर्ट पर रुका हूं। उसने कहा था कि कंपनी में मेरे साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और दूसरे देश के सहयोगी भी हैं। उन्हें मैं पार्टी देने वाला हूं। इसके बाद मेरी उससे बात नहीं हुई।’ ये बातें सीमा सिंह ने कही है। जिनका इकलौता बेटा यश सिंह (25) पांच महीने से चीन के शंघाई स्थित जियांग्शू डिटेंशन सेंटर में बंद है। यश शिपिंग कंपनी एमएससी (MSC) में काम करता है। मां सीमा सिंह ने कहा है कि कंपनी वालों ने मुझे बताया है कि वहां यश का किसी से विवाद हुआ है। इसलिए चीन वालों ने उसे पकड़ा है। विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। सोमवार को सीमा सिंह मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा से मिली और ज्ञापन सौंपकर बेटे की सुरक्षित भारत वापसी के लिए गुहार लगाई। यश चाइना क्यों गया, मां ने बेटे की रिहाई के लिए कहां-कहां गुहार लगाई, कंपनी वालों ने क्या दिया आश्वासन, पढ़ें रिपोर्ट… पहले देखें यश सिंह की कुछ तस्वीरें… 2018 में इंटर पास किया, फिर चुना मर्चेंट नेवी में गया सीमा सिंह कैमरे पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं थी, हालांकि बातचीत में उन्होंने कहा कि यश ने मुजफ्फरपुर से साल 2018 में इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मर्चेंट नेवी का प्रोफेशनल कोर्स किया। 2020 में उसे एक शिपिंग कंपनी में नौकरी का ऑफर मिला था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण वह ज्वाइन नहीं कर सका। बाद में सितंबर 2021 में उसने नौकरी शुरू की। इस दौरान उसने कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम किया और कई देशों की यात्राएं की। पिछले साल सितंबर में उसने नई शिपिंग कंपनी एमएससी (MSC) ज्वाइन की, जहां वह अधिकारी के रूप में कार्यरत था। चीन के बंदरगाह पर मरम्मत के लिए रुका था जहाज कंपनी का जहाज MSC Sheffield-II पर वह यश तैनात था। जहाज चीन की तरफ से गुजर रहा था। इसी दौरान 28 फरवरी 2026 को जहाज में कुछ तकनीकी खराब आ गई। जिस कारण जहाज को चीन के जियांग्सू बंदरगाह पर मरम्मत के लिए रोका गया। यश की मां कहती हैं कि उस दिन यश खुश था, क्यों कि उसे उस दिन पुरानी कंपनी से कुछ बकाया भुगतान मिला था। जब उससे फोन पर बात हुई थी तो उसने कहा था कंपनी के सहयोगी काफी दिन से पार्टी के लिए बोल रहे हैं। आज उन्हें पार्टी दे ही देता हूं। कंपनी ने ई-मेल से गिरफ्तारी की सूचना दी थी परिजन के अनुसार, यश अपने कुछ विदेशी सहयोगियों के साथ शंघाई शहर में एक रेस्टोरेंट गया था। वहीं किसी स्थानीय व्यक्ति से विवाद हो गया। विवाद किस कारण हुआ, इसकी जानकारी परिवार को आज तक नहीं मिल सकी है, लेकिन इसी घटना के बाद चीनी पुलिस ने यश को हिरासत में ले लिया। 3 मार्च 2026 को मुंबई स्थित कंपनी कार्यालय से ई-मेल के जरिए बेटे की गिरफ्तारी की सूचना दी गई। इसके बाद से परिवार लगातार उसकी रिहाई के प्रयास में लगा है। राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय तक को दिया आवेदन सीमा सिंह ने बताया कि मैंने अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, विदेश मंत्रालय, भारतीय काउंसलेट, डीजी शिपिंग समेत कई सरकारी संस्थानों को आवेदन भेज चुकी हैं। मुजफ्फरपुर के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी से भी मदद की अपील की है। हर जगह से आश्वासन मिल रहा है। काउंसलेट की ओर से बताया गया कि मामला चीनी कानून के अधीन है और प्रक्रिया चल रही है। ‘कंपनी वाले कहते हैं बेटा जिंदा है’ सीमा सिंह कहती हैं कि यश ही उनका सहारा है। पति किसान हैं, लेकिन यश ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। कंपनी वाले कहते हैं कि आपका बेटा सुरक्षित है, काउंसलेट उससे संपर्क में है, लेकिन मैं बार-बार सिर्फ यही कहती हूं कि मुझे एक बार वीडियो कॉल पर ही बेटे से बात करा दीजिए। उसकी शक्ल दिखा दीजिए, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। सीमा सिंह का कहना है कि मैं मुंबई स्थित कंपनी के कार्यालय भी गई थी। वहां कंपनी के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही यश की रिहाई हो जाएगी, लेकिन महीने बीतते गए और स्थिति जस की तस बनी रही। डीएम-एसएसपी से भी मांगी मदद सोमवार को सीमा सिंह ने मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि उनके स्तर से विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार से समन्वय कर बेटे की जल्द से जल्द भारत वापसी कराई जाए। मुझे अब किसी आश्वासन की नहीं, मेरे बेटे की जरूरत है।



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