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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सड़क हादसे में पत्नी और मां को खोने वाले परिवार को राहत दी है। हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल द्वारा तय 9.80 लाख रुपए के मुआवजे को बढ़ाकर 22.62 लाख रुपए कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा तय करते समय मृतका की नौकरी से होने वाली आय के साथ परिवार में घरेलू योगदान को भी ध्यान में रखना जरूरी है। 35 साल की उम्र के आधार पर 16 का गुणक लगाकर निर्भरता की राशि 21.12 लाख रुपए तय की गई। इसके अलावा कंसोर्टियम, संपत्ति के नुकसान और अंतिम संस्कार के मद में राशि जोड़ी गई। इस तरह कुल मुआवजा 22.62 लाख रुपए तय किया गया। अब विस्तार से पढ़ें पूरा मामला… बीमा कंपनी को वसूली का अधिकार
हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी की अपील भी स्वीकार कर ली। कोर्ट ने बीमा कंपनी को ड्राइवर और वाहन मालिक से मुआवजे की राशि वसूलने का अधिकार दिया है। इस तरह मृतका के परिवार के लिए मुआवजे में करीब 12.81 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि मंजूर हुई। यह राशि अपील की तारीख से भुगतान तक ट्रिब्यूनल द्वारा तय ब्याज के साथ देय होगी।
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हाईकोर्ट ने घरेलू काम की कीमत समझी:मुआवजा ₹9.80 से बढ़ाकर ₹22.62 लाख किया, हादसे में हुई थी महिला की मौत
