पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:युवा उम्र में चरित्र को समझें और अपने तेज का उपयोग करें
आजकल खासतौर पर नए बच्चे खूब मेहनत कर रहे हैं। लेकिन अब परिश्रम के साथ शिक्षा, योग्यता और संस्कार का तेज भी शामिल करना पड़ेगा। क्योंकि जब हम संस्कार अपनाते हैं तो अपने चरित्र पर टिकते हैं। भीतर से जो तेज जागता है, वह चरित्र से जागता है, बाहर के व्यक्तित्व से नहीं। हममें सूर्य…
