सड़क पार कर रहे पवन और उसके भाई को टक्कर मारती काले रंग की थार।
चंडीगढ़ में दड़वा के दो सगे भाइयों को गाड़ियों से कुचलने के मामले में पुलिस अब तक आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। वारदात को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया। काले रंग की थार पहले से सड़क
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जैसे ही पवन अपने छोटे भाई सूरज और साथियों के साथ वहां से गुजरा, थार चालक ने तेज रफ्तार से गाड़ी दौड़ाकर दोनों भाइयों को टक्कर मार दी। इसके तुरंत बाद पीछे से आई सफेद रंग की दूसरी गाड़ी ने सड़क पर गिरे पवन को भी कुचल दिया। हादसे में 26 वर्षीय पवन की मौत हो गई, जबकि उसका भाई सूरज गंभीर रूप से घायल है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस को वारदात की CCTV फुटेज उसी समय मिल गई थी। फुटेज में घटना साफ दिखाई दे रही थी, इसके बावजूद पुलिस काफी देर तक इसे सड़क हादसा मानकर जांच करती रही। आरोपियों की तलाश शुरू करने में भी देरी हुई। अब तक सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने घायल सूरज के बयानों के आधार पर गोविंद, सूरज उर्फ जटवा, सुभाष, मोनू उर्फ कांदू, महावीर और मलकीत उर्फ काका समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है।

सड़क किनारे खड़ा थार चालक, पवन के आने का इंतजार करता हुआ।
अब विस्तार से पढ़ें पूरा मामला:-
- CCTV में दिखी पूरी वारदात: पुलिस के हाथ लगी CCTV फुटेज में पवन, उसका भाई सूरज और उनके कुछ साथी सड़क पर जाते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ छोटे बच्चे भी थे। इससे पहले सभी ने अपनी गाड़ी सड़क किनारे खड़ी की और पैदल आगे बढ़ गए। फुटेज में सड़क किनारे काले रंग की थार पहले से खड़ी दिखाई दे रही है।
- पहले दो छोटे बच्चे वहां से गुजरते हैं: थार सवार पवन के वहां पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। पहले दो छोटे बच्चे वहां से गुजरते हैं। इसके बाद पवन और उसका भाई सूरज आगे बढ़ते हैं। तभी थार अचानक तेज रफ्तार से आती है और दोनों भाइयों को टक्कर मार देती है।
- पवन को गाड़ी से कुचला गया: टक्कर लगने से सूरज एक तरफ जा गिरता है, जबकि पवन सड़क पर गिर जाता है। कुछ ही सेकंड बाद पीछे से सफेद रंग की दूसरी गाड़ी आती है और सड़क पर पड़े पवन को टक्कर मार देती है। इसके बाद पवन को गाड़ी से कुचला गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
- पुलिस इसे हादसा मानती रही: परिवार और मृतक के दोस्तों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस के पास CCTV फुटेज मौजूद थी। इसमें थार के पहले से सड़क किनारे खड़े होने, दोनों भाइयों को टक्कर मारने और उसके बाद दूसरी गाड़ी के आने की पूरी घटना दिखाई दे रही थी।
- पुलिस को बताया कि यह हादसा नहीं: इसके बावजूद पुलिस ने शुरुआत में इसे सामान्य सड़क हादसा मानकर जांच की। अस्पताल से भी एक्सीडेंट की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई थी। बाद में पवन के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि यह हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या है।
- खून और वाहनों के टायरों के निशान मिले: इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। मौके पर सड़क पर खून और वाहनों के टायरों के निशान मिले। मोबाइल फोरेंसिक एक्सपर्ट और सेक्टर-36 से सीएफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से खून, टायरों के निशान और अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए।
- दोनों भाइयों को धमकियां भी दे रहे थे: पुलिस के मुताबिक पवन और सूरज की इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले कुछ युवकों के साथ रंजिश थी। हमलावर सोशल मीडिया के जरिए दोनों भाइयों को धमकियां भी दे रहे थे। शनिवार रात आरोपियों ने दोनों भाइयों को फोन कर दड़वा बुलाया था। इसके बाद पवन और सूरज अपने दोस्तों राज, सौरव और राहुल के साथ वहां पहुंचे।
- दूसरी गाड़ी ने पवन को दोबारा कुचला: सभी सड़क पर खड़े होकर आपस में बात कर रहे थे। इसी दौरान काले रंग की थार ने दोनों भाइयों को टक्कर मार दी। सूरज सड़क किनारे जा गिरा, जबकि पवन सड़क पर गिर गया। इसके कुछ ही सेकंड बाद पीछे से आई दूसरी गाड़ी ने पवन को दोबारा कुचल दिया।
- दोनों को निजी गाड़ी से जीएमएसएच-16 पहुंचाया: इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पवन और सूरज के दोस्तों ने दोनों को निजी गाड़ी से जीएमएसएच-16 पहुंचाया। अस्पताल में उपचार शुरू होते ही पवन की सांसें थम गईं। सूरज की हालत गंभीर होने के कारण उसे पीजीआई रेफर किया गया।

मृतक पवन के परिजन।
पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन
रविवार को पुलिस पवन का पोस्टमार्टम करवाना चाहती थी, लेकिन परिवार ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों और अन्य लोगों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। परिवार का आरोप था कि वारदात की CCTV फुटेज पुलिस के पास पहले से मौजूद थी और उसमें पूरी घटना साफ दिखाई दे रही थी।
इसके बावजूद पुलिस ने इसे हादसा मानकर जांच शुरू करने में इतना समय क्यों लगाया, इसे लेकर परिजनों ने सवाल उठाए। सूचना मिलने पर डीएसपी पी. अभिनंदन समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया।
